छत्तीसगढ़

दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने युवक को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत

Shantanu Roy
13 July 2025 11:56 PM IST
दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने युवक को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत
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Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर सरकार सड़क सुरक्षा और हेलमेट अभियान की बात करती है, तो दूसरी ओर बेलगाम रफ्तार और लापरवाही के चलते निर्दोषों की जान चली जा रही है। रविवार रात को तमनार थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
हादसे की रफ्तार में उड़ा जीवन
जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 8:10 बजे, तमनार चौक के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन ने सड़क किनारे पैदल चल रहे एक युवक को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि युवक के शरीर के चीथड़े उड़ गए और शव की पहचान तक मुश्किल हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, और किसी को उसका नंबर नोट करने तक का मौका नहीं मिला।
शव की नहीं हो सकी पहचान
पूंजीपथरा थाना पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर घरघोड़ा अस्पताल भेज दिया गया। अब तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने आसपास के गांवों में सूचना भेजी है, ताकि कोई परिजन या जानकार शव की शिनाख्त कर सके। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, शव की स्थिति इतनी खराब है कि पहचान कर पाना बेहद कठिन हो गया है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा, उठाई सीसीटीवी की मांग
घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन पर सड़क सुरक्षा में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि तमनार चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगे होते, तो वाहन की पहचान हो जाती और चालक पकड़ा जाता। लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते हर बार की तरह दोषी भाग निकलता है।
पुलिस का बयान
पूंजीपथरा थाना प्रभारी ने बताया, “हादसे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। शव को अस्पताल भेजा गया है। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं, और चश्मदीदों से पूछताछ कर वाहन की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
यह हादसा केवल एक व्यक्ति की दुखद मौत नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता का आईना है। हर हफ्ते हो रहे हादसे, ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग, बिना निगरानी के ट्रैफिक—ये सब सिस्टम की खामियों को उजागर करते हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन अब भी जागेगा? क्या अब व्यवस्था में कोई सुधार होगा? या फिर अगली बार फिर एक और निर्दोष जान इसी तरह की लापरवाही का शिकार बनेगी?
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