छत्तीसगढ़
महासमुंद में 202 केंद्रों पर होगी धान खरीदी, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
Shubhra Nandy
3 Nov 2026 11:18 AM IST

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हर सप्ताह होगी निगरानी
महासमुंद : छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। महासमुंद जिले में 15 नवंबर 2026 से 202 धान उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से धान खरीदा जाएगा। खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिला एवं अनुविभाग स्तर के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों को खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों का निरीक्षण करने और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने बारदाना, भुगतान, परिवहन और भंडारण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है। साथ ही प्रत्येक नोडल अधिकारी को खरीदी अवधि के दौरान अपने आवंटित केंद्रों का सप्ताह में कम से कम एक बार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
202 धान खरीदी केंद्रों की होगी नियमित निगरानी
जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। धान खरीदी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला एवं अनुविभाग स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी अपने आवंटित केंद्रों में खरीदी शुरू होने से पहले पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं की जांच करें। निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर केंद्रों की तैयारियों का आकलन किया जाएगा। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि धान बेचने आने वाले किसानों को केंद्रों पर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
राज्य शासन की व्यवस्था के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी। महासमुंद जिले में इसके लिए 202 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन केंद्रों पर पंजीकृत किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेच सकेंगे। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को खरीदी शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्धारित तिथि से खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सके।
बारदाना, भुगतान और परिवहन की होगी जांच
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें उपार्जित धान के भुगतान के लिए आवश्यक राशि, नए एवं पुराने बारदानों की उपलब्धता और खरीदे गए धान के परिवहन की व्यवस्था शामिल है। धान खरीदी के दौरान किसी भी स्तर पर समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
हर सप्ताह कम से कम एक बार निरीक्षण अनिवार्य
धान खरीदी प्रक्रिया पर प्रभावी निगरानी बनाए रखने के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक बार अपने आवंटित उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी धान खरीदी प्रक्रिया, केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक और बारदानों की स्थिति का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही नए एवं पुराने बारदानों का भौतिक परीक्षण कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी जिला कार्यालय को प्रस्तुत की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य धान खरीदी के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच पारदर्शिता बनाए रखना तथा संभावित अनियमितताओं की समय रहते पहचान करना है।
एसडीएम को दी गई समन्वय की जिम्मेदारी
धान खरीदी व्यवस्था में जिला और केंद्र स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसडीएम अपने-अपने अनुविभाग के धान उपार्जन केंद्रों में नियुक्त केंद्र स्तरीय एवं जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। इससे केंद्रों पर सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक समय पर पहुंच सकेगी और उनके समाधान में सहायता मिलेगी।
किसानों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने पहुंचने वाले किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो। खरीदी केंद्रों पर बारदानों की उपलब्धता, उपार्जित धान का समय पर परिवहन और भुगतान की सुचारू व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और शासन की नीति एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप खरीदी प्रक्रिया संचालित कराएं। महासमुंद जिले में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर प्रशासन पहले भी समीक्षा बैठकें कर चुका है। आगामी खरीदी सत्र के लिए जिले में 20 नए उपार्जन केंद्र स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।फिलहाल जिला प्रशासन 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। नियमित निरीक्षण और अधिकारियों के बीच समन्वय के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है।
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