छत्तीसगढ़
धान खरीदी शुरू होने को तैयार, लेकिन आरंग उपार्जन केंद्र में तैयारी ‘शून्य’
Shantanu Roy
14 Nov 2025 9:20 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की आधिकारिक शुरुआत होने जा रही है, लेकिन आरंग क्षेत्र के सबसे बड़े धान उपार्जन केंद्र की वास्तविक स्थिति सरकार के दावों के विपरीत नजर आ रही है। जहां राज्य सरकार यह दावा कर रही है कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद अन्य विभागों से स्टाफ की व्यवस्था कर ली गई है और किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी, वहीं मौके की हालत इन दावों की हकीकत उजागर कर रही है। आरंग स्थित कृषि उपज मंडी हर वर्ष सबसे अधिक धान खरीदी करने वाले केंद्रों में से एक है, लेकिन इस वर्ष प्रशासनिक अव्यवस्थाएं और निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार चिंता का कारण बन गई है। धान रखने के लिए बनाए जा रहे प्लेटफार्म और शेड का निर्माण निर्धारित समय में पूरा नहीं हो सका है।
करीब 19 लाख रुपए की लागत से तैयार होने वाला पहला प्लेटफार्म अभी तक अधूरा पड़ा है। उसके ऊपर शेड का निर्माण शुरू तो हुआ लेकिन पूरा नहीं हो पाया। वहीं 85 लाख रुपए की लागत से बन रहे दूसरे बड़े प्लेटफार्म पर केवल कॉलम खड़े किए गए हैं, शेड का काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि खरीदी शुरू होने के बाद धान के सुरक्षित भंडारण में बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश से पहले ही किसान प्रभावित हुए थे। यदि आगामी दिनों में दोबारा बारिश होती है, तो अधूरे प्लेटफार्म और शेड की वजह से धान खरीदी बाधित होने की पूरी आशंका है। जिस प्लेटफार्म से खरीदी शुरू होनी है, उसकी सफाई तक पूरी नहीं हो सकी है, जिससे प्रशासन की तैयारी पर सवाल उठ खड़े हो रहे हैं।
आरंग क्षेत्र में कुल 1560 किसान पंजीकृत हैं। इस बार लगभग 82,000 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य है, जिसकी समर्थन मूल्य दर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। क्षेत्र में धान कटाई तेजी पर है और किसान ऑनलाइन टोकन भी ले रहे हैं। ऐसे में अगला एक सप्ताह खरीदी केंद्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि खरीदी शुरू होने के बाद किसानों की भीड़ बढ़ना तय है। स्थानीय किसानों का कहना है कि हर साल खरीदी शुरू होने से पहले उपार्जन केंद्रों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाता था, लेकिन इस बार अव्यवस्थाएं साफ दिखाई दे रही हैं। उन्हें डर है कि यदि जल्द ही प्लेटफार्म और शेड का निर्माण नहीं हुआ तो उनके धान को नुकसान हो सकता है।
कई किसानों ने बताया कि बारिश की स्थिति में धान को सुरक्षित रखना मुश्किल होगा, क्योंकि खुले में खरीदने या तौलने की व्यवस्था नहीं की जा सकती। वहीं हड़ताल की स्थिति में तकनीकी और डॉटा एंट्री कार्य प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। स्थिति यह है कि खरीदी सीजन शुरू होने से केवल कुछ घंटे पहले तक आरंग का बड़ा उपार्जन केंद्र मूलभूत व्यवस्थाओं से भी वंचित है। ऐसे में यदि प्रशासन ने तत्काल निर्माण कार्यों को पूरा नहीं कराया, तो खरीदी के पहले ही दिन किसानों और अधिकारियों दोनों को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ सकता है। आरंग की स्थिति यह साफ कर रही है कि बड़े सरकारी दावों के बीच धान खरीदी की जमीनी तैयारियां अभी भी अधूरी हैं, और इसका सीधा असर किसानों पर पड़ सकता है।
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