छत्तीसगढ़

धान खरीदी और उठाव में तेजी, 3.59 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा

Shantanu Roy
8 Jan 2026 7:13 PM IST
धान खरीदी और उठाव में तेजी, 3.59 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा
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छग
Durg. दुर्ग। राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीतियों के चलते जिले में धान खरीदी और उपार्जन केंद्रों से धान के उठाव की प्रक्रिया लगातार तेज हो रही है। सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे वे संतुष्ट और उत्साहित नजर आ रहे हैं। धान खरीदी को सरल और सहज बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए निर्णायक कदमों से किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। धान विक्रय की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल एप की व्यवस्था की गई है, जो अब 24 घंटे उपलब्ध है। किसानों के लिए यह एक बड़ी सहूलियत साबित हो रही है, क्योंकि अब टोकन कटवाने के लिए किसी निश्चित समय की बाध्यता नहीं रही। किसान दिन या रात किसी भी समय मोबाइल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचकर अपना धान बेच पा रहे हैं।

धान विक्रय के बाद त्वरित ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जिले में अब तक 3,59,944.16 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल लागत लगभग 85,3286.02 लाख रुपये है। इस प्रक्रिया के तहत 66,264 किसान लाभान्वित हुए हैं। किसानों को अब तक 76,739.48 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से की जा चुकी है। समय पर भुगतान मिलने से किसानों का सरकार की व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे नए किसानों को भी अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है। धान के उठाव के लिए अब तक 1,78,338.00 मीट्रिक टन का डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) जारी किया गया है। वहीं, उपार्जन केंद्रों से अब तक 1,20,111.55 मीट्रिक टन धान का सफलतापूर्वक उठाव किया जा चुका है।

सरकार की पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। धान विक्रय के पश्चात किसान रकबा समर्पण कर रहे हैं, जिससे बिचौलियों को धान खपाने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। जिले में अब तक 36,786 किसानों ने धान बेचने के बाद 862.88 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है, जो व्यवस्था की पारदर्शिता का स्पष्ट प्रमाण है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। वर्तमान में केंद्रों पर बारदाने की कोई कमी नहीं है। जिले के उपार्जन केंद्रों में कुल 28,77,554 बारदाने उपलब्ध हैं, जिससे धान खरीदी और उठाव का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। कुल मिलाकर जिले में धान खरीदी की व्यवस्था से किसान संतुष्ट हैं और उपज का वाजिब दाम मिलने से उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है।
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