छत्तीसगढ़

मरवाही में 60 से ज्यादा हाथियों का जमावड़ा, गांवों में दहशत

Shantanu Roy
2 Nov 2026 2:46 PM IST
मरवाही में 60 से ज्यादा हाथियों का जमावड़ा, गांवों में दहशत
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Marwahi. मरवाही। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों की बड़ी मौजूदगी ने ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इलाके में करीब 60 से 65 हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जिसमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हाथियों का यह विशाल झुंड लगातार खेतों और आबादी वाले इलाकों की ओर पहुंच रहा है। बीती रात हाथियों ने मटियाडांड, कोचनारपारा और बहरीझोरकी क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई एकड़ खेतों में घुसकर तैयार हो रही फसलों को रौंद दिया, वहीं कुछ ग्रामीणों के मकानों को भी
नुकसान
पहुंचाया। लगातार हो रही घटनाओं से सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, मरवाही वनमंडल के नाका, मटियाडांड, रूमगा और दानीकुंडी क्षेत्र में हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। वन विभाग के अनुसार, इस दल में करीब 54 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। वहीं स्थानीय स्तर पर इनकी संख्या 60 से 65 के आसपास बताई जा रही है। हाथियों के झुंड में छोटे हाथियों की मौजूदगी भी है, जिसके कारण यह दल एक साथ अलग-अलग इलाकों में आवाजाही कर रहा है।

बीती रात खेतों और घरों को पहुंचाया नुकसान
बीती रात हाथियों के दल ने मटियाडांड, कोचनारपारा और बहरीझोरकी क्षेत्र में प्रवेश कर लिया। यहां हाथियों ने खेतों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। कई एकड़ में लगी फसलों को पैरों से रौंद दिया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। इसके अलावा कुछ ग्रामीणों के घरों को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों की आवाजाही लगातार आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ रही है। रात के समय अचानक हाथियों के खेतों और घरों के आसपास पहुंचने से लोगों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों को अपनी जान-माल के साथ घरों और खेतों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।

फसल बचाने के साथ जान-माल की सुरक्षा की चुनौती
इस समय खेतों में नई फसलें तैयार हो रही हैं। ऐसे में हाथियों के बड़े झुंड का गांवों और कृषि क्षेत्रों के आसपास पहुंचना किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। हाथियों द्वारा फसल रौंदे जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। वहीं मकानों को नुकसान पहुंचने से ग्रामीणों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण शाम होते ही लोगों की आवाजाही कम हो जाती है। जंगल और खेतों की तरफ जाने से लोग बच रहे हैं। खासकर रात के समय अकेले बाहर निकलना जोखिम भरा महसूस हो रहा है।

वन विभाग और हाथी मित्र दल कर रहे निगरानी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग का अमला और हाथी मित्र दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे हैं। टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए ग्रामीणों को समय-समय पर अलर्ट कर रही है। लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके नजदीक नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को यह भी सलाह दी जा रही है कि हाथियों के दिखाई देने पर उनके पास जाकर फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश न करें। हाथियों के झुंड को घेरने, भगाने या उनके रास्ते में बाधा डालने से बचें। विशेष रूप से छोटे हाथियों के साथ मौजूद बड़े हाथी खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो सकते हैं।

मानव-हाथी संघर्ष रोकना बड़ी चुनौती
मरवाही वनमंडल में हाथियों के बड़े दल की लगातार मौजूदगी ने एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। एक ओर वन्यजीवों की सुरक्षा जरूरी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की जान-माल और किसानों की फसलों को बचाना भी वन विभाग के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग की लगातार निगरानी और समय पर सूचना व्यवस्था से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल हाथियों का दल क्षेत्र में सक्रिय है और वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
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