छत्तीसगढ़

तीन वार्डों में पीलिया और टाइफाइड का प्रकोप 37 से ज्यादा लोग बीमार

Shantanu Roy
2 Sept 2026 4:49 PM IST
छग
Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी नगर निगम क्षेत्र के तीन वार्डों में पीलिया और टाइफाइड के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नया पारा, रिसाई पारा और रामसागर पारा में अब तक 37 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या भी अधिक है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने दूषित पेयजल और वार्डों में फैली गंदगी को बीमारी फैलने की प्रमुख वजह बताते हुए नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सबसे ज्यादा प्रभावित नया पारा वार्ड बताया जा रहा है। यहां 20 से अधिक लोगों में पीलिया और टाइफाइड के लक्षण सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई घरों में लोग उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याओं से परेशान हैं। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के कारण वार्ड में चिंता का माहौल है।
रिसाई पारा और रामसागर पारा में भी मरीज
समस्या केवल नया पारा तक सीमित नहीं है। जानकारी के मुताबिक, रिसाई पारा में करीब 10 और रामसागर पारा में 7 मरीज सामने आए हैं। तीनों इलाकों को मिलाकर मरीजों की संख्या 37 से अधिक हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्डों में साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और दूषित पानी की आपूर्ति के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। हालांकि बीमारी फैलने की वास्तविक वजह स्वास्थ्य और पानी की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अवैध डेयरियों पर उठे सवाल
नया पारा के लोगों ने इलाके में संचालित डेयरियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। वार्डवासियों का आरोप है कि कई डेयरियों से निकलने वाला गोबर और गंदा पानी सीधे नालियों में छोड़ा जा रहा है। इससे नालियां जाम हो रही हैं और गंदा पानी सड़कों तक पहुंच रहा है। लोगों को आशंका है कि पेयजल पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण नालियों का दूषित पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। इसी पानी का इस्तेमाल घरों में पीने और अन्य कामों के लिए होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। फिलहाल संबंधित विभाग पाइपलाइन में लीकेज की तलाश कर रहा है।
पार्षद ने दी आंदोलन की चेतावनी
लगातार बढ़ते मरीजों और गंदगी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। वार्डवासियों का कहना है कि समस्या की शिकायत पहले भी की गई, लेकिन समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। हालात को देखते हुए वार्ड पार्षद ने भी समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली मांग प्रभावित इलाकों में तत्काल व्यापक साफ-सफाई कराने की है। दूसरी मांग रिहायशी इलाकों में संचालित डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
पाइपलाइन की लीकेज तलाश रहा नगर निगम
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम का जल विभाग सक्रिय हो गया है। पेयजल पाइपलाइन में लीकेज की आशंका को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर खुदाई कर पाइपलाइन की जांच की जा रही है। लीकेज मिलने पर उसकी मरम्मत कर दूषित पानी की समस्या दूर करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से पानी को उबालकर पीने की अपील की है। लोगों को पेयजल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभावित इलाकों में पहुंच गई है। टीम द्वारा घर-घर सर्वे कर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। बीमार लोगों की जांच और आवश्यक उपचार की व्यवस्था भी की जा रही है। तीन वार्डों में बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद अब नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण को आगे फैलने से रोकने की चुनौती है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द पाइपलाइन की जांच, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
Next Story