छत्तीसगढ़

राजधानी में बुकियों-सटोरियों का संगठित गिरोह सक्रिय

Admin2
1 Aug 2021 5:37 AM GMT
राजधानी में बुकियों-सटोरियों का संगठित गिरोह सक्रिय
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मोहल्लो में सक्रिय सटोरियों पर पुलिस मेहरबान, सूचना पर भी नहीं होती कार्रवाई

जसेरि रिपोर्टर

रायपुर। राजधानी के कई इलाकों में सट्टेबाजी का दांव लग रहे है रोजाना सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत सटोरिए दांव खिला रहे है। सटोरियों पर पुलिस अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाई है। वही दूसरी तरफ पुलिस को गुंडे-बदमाशों के साथ सटोरियों और जुआरियों का फड़ लगाने वालों के साथ इन्हें संरक्षण देने वाले छुटभैया नेताओं से रोज जूझना पड़ता है। रायपुर में सटोरिए और बाहर से आये बुकी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा हैं। सट्टा खिलाने वालों की एक अजीबो-गरीब भाषा है। यानी कोर्डवर्ड हैं। महज एक फोन पर दांव लग जाता है और ऐसे ही रद्द भी हो जाता है। हार-जीत की रकम का बकायदा अगले दिन किसी जनरल स्टोर, मोबाइल शॉप या पान की दुकान से भुगतान कर दिया जाता है। खेलने वालों को भी एजेंट को एडवांस देकर अकाउंट खुलवाना पड़ता है, जिसकी एक लिमिट रकम तय होती है।

सट्टे के बड़े खाईवाल बने इलाकों के दादा

रायपुर के सदर बाजार, आज़ाद चौक, पंडरी बस स्टैंड, नेशनल हाइवे, सब्जी मार्केट और चौक चौराहे में स्थित कई जनरल स्टोर्स, नाई व पान दुकानों में सट्टे लिखवाने वालों भीड़ देखी जा सकती है। खाईवालों के चक्रव्यूह में लोग इस कदर फंस चुके हैं की इससे उबर नहींं पा रहे हैं। शहर में एक दो नही बल्कि चार खाईवाल लंबे समय से सट्टा संचालित कर रहे हैं। छुटभैय्या नेताओं और खाईवालों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार शहर सहित आस-पास के आउटर इलाकों में पुरी तरह से चरम पर है।

खुले मैदान में खिला रहे सट्टा-जुआ

जुए और सट्टे का कारोबार भी जोरों पर चल रहा है। जुआ माफियाओं ने अपना अड्डा नेहरू नगर और नई बस्ती क्षेत्र के अलावा अन्य जगहों पर फैलाते हुए अवैध कारोबार शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व शहर में जुएं का कारोबार जोरों पर संचालित किया जाता था और इस कारोबार से लगे लोगों के हौसले इतने बुलंद हो चुके है कि अब दिनदहाड़े जहां खुले मैदानों में सट्टा पर्ची काटी जा रही है, वहीं खुले मैदान के सामने भी सट्टा खिलवाया जा रहा है। सट्टा एक नशा की तरह होता हैं, पहले लोग अपनी किस्मत आजमाते हैं फिर बाद में अपनी गाढ़ी कमाई को दोगुना करने के लालच में फंसकर धीरे-धीरे सब कुछ गंवा बैठते हैं। पुलिस इस अवैध कारोबार में लिप्त लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, कार्रवाई न होने की वजह से इस गोरखधंधे पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है और अवैध कारोबार में लिप्त गिरोह के लोगों के हौंसले बुलंद हैं।

यहां चल रहा सट्टेबाजी का खेल

रायपुर के आजाद चौक थाना क्षेत्र के रामकुंड बस्ती, टिकरापारा के संजयनगर, संतोषीनगर, पुरानी बस्ती के लाखेनगर, आजादचौक के इदगाहभाठा, गंज के चूनाभ_ी समेत आमानाका, उरला, तेलीबांधा, राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से सटोरिए बाकायदा पर्ची में अंक काटकर दे रहे हैं। सट्टा खेलने वाले लोग गली-कूचे में सक्रिय सटोरियों के पास जाकर अपना पसंदीदा नंबर लगाते हैं। वहीं, अंक आने पर उसी पर्ची को दिखाने से 90 गुना तक रकम पा रहे हैं।

कारोबारी भी खिला रहे सट्टा

शहर में एक बार फिर से सट्टा-बाजार गर्म हो गया है। इस कारोबार में कई सफेदपोश लोग भी शामिल हैं जो कहने के लिए शहर के बड़े व्यापारी हैं और उनका असली काम सट्टे का ही है। इसके अलावा रायपुर के सटोरियों के लिए सट्टा लगाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। लोगों ने जब इस संबंध में कुछ सटोरियों से संपर्क साधा तो नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि शहर में इन दिनों चार बड़े बुकी ही बड़े स्तर पर सट्टेबाजी में जुड़े हुए हैं। इनमें से एक का शहर का ज्वेलर्स भी है। इस कारोबारी ने सट्टे का कारोबार माना से लगे इलाके और आसपास के कुछ गांवों में बनाया हुआ है। यहीं से पूरा धंधा ऑपरेट हो रहा है।

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