छत्तीसगढ़

सरकारी राशन दुकान से 15.91 लाख के राशन का गबन, संचालक गिरफ्तार

Shantanu Roy
26 Aug 2026 11:49 PM IST
सरकारी राशन दुकान से 15.91 लाख के राशन का गबन, संचालक गिरफ्तार
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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सरकारी राशन दुकान से बड़ी मात्रा में खाद्यान्न के गबन का मामला सामने आया है। जोरा वार्ड क्रमांक 51 की राशन दुकान, आईडी 442001026 में जांच के दौरान चावल के स्टॉक में भारी कमी पाई गई। खाद्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दुकान संचालक टोपेश्वर साहू (27) के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जांच में सरकारी राशन के गबन और कथित धोखाधड़ी से करीब 15.91 लाख रुपये की वित्तीय हानि सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, खाद्य विभाग ने 29 अक्टूबर 2025 को राशन दुकान का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई हितग्राहियों ने शिकायत की कि उन्हें अक्टूबर महीने का पीडीएस चावल और शक्कर नहीं मिला है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने दुकान के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक की जांच शुरू की। जांच के दौरान दुकान में करीब 265 राशन कार्ड पाए गए। आरोप है कि दुकान संचालक ने कई हितग्राहियों से उनके राशन कार्ड जमा कराए और ई-पॉस मशीन के माध्यम से उनका बायोमेट्रिक सत्यापन भी कराया। इसके बावजूद उन्हें निर्धारित राशन नहीं दिया गया और राशन कार्ड भी वापस नहीं किए गए। विभागीय जांच में करीब 250 राशन कार्डों की एंट्री ई-पॉस मशीन में दर्ज मिली। रिकॉर्ड में राशन वितरण की प्रक्रिया पूरी दिखाई गई, लेकिन जांच के दौरान संबंधित हितग्राहियों को चावल उपलब्ध नहीं कराया गया था। शुरुआती जांच में कुल 81.07 क्विंटल चावल के गबन की बात सामने आई।

स्टॉक और रिकॉर्ड में मिला बड़ा अंतर
जांच आगे बढ़ने पर ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड और राशन दुकान में मौजूद वास्तविक स्टॉक के बीच भारी अंतर सामने आया। प्रारंभिक भौतिक सत्यापन में 333.97 क्विंटल चावल की कमी पाई गई। इससे विभागीय अधिकारियों के संदेह और बढ़ गए और दुकान के रिकॉर्ड की दोबारा गहन जांच की गई। रिकॉर्ड के मुताबिक, 12 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच राशन दुकान में 232.90 क्विंटल चावल पहुंचाया गया था। हालांकि, इस खाद्यान्न की विधिवत पावती नहीं लिए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा दुकान में स्टॉक रजिस्टर और आवश्यक सूचना बोर्ड भी नहीं मिले। इससे दुकान के संचालन और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। विभाग ने दुकानदार को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया। लेकिन नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर 4 नवंबर 2025 को दुकान संचालक को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद राशन दुकान को दूसरी संस्था से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।

दोबारा सत्यापन में 389 क्विंटल चावल की कमी
राशन दुकान के हस्तांतरण से पहले 7 नवंबर 2025 को दोबारा भौतिक सत्यापन कराया गया। इस दौरान चावल के स्टॉक में कमी और बढ़ी हुई मिली। दूसरे सत्यापन में कुल 389.24 क्विंटल यानी 778.48 बोरी चावल कम पाया गया। विभागीय जांच के मुताबिक, सरकारी राशन के इस कथित गबन से सरकार को करीब 15.91 लाख रुपये की वित्तीय क्षति हुई। मामले में खाद्य विभाग की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

साक्ष्य मिलने के बाद संचालक गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के दौरान राशन दुकान के रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन से संबंधित जानकारी, स्टॉक सत्यापन और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दुकान संचालक टोपेश्वर साहू को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले की आगे की विवेचना कर रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि राशन के गबन में अकेला दुकान संचालक शामिल था या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। साथ ही ई-पॉस में दर्ज वितरण और वास्तविक राशन वितरण के बीच अंतर के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।यह मामला सामने आने के बाद सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब जांच पूरी होने के बाद ही गबन की पूरी तस्वीर और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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