संकुल प्राचार्यों का एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम हुआ सम्पन्न

रायगढ़। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार, स्कूल शिक्षा विभाग व समग्र शिक्षा जिला के संयुक्त तत्वाधान में जिला शिक्षा अधिकारी बी बाखला, डीएमसी समग्र शिक्षा रायगढ़ नरेंद्र चौधरी के निर्देशन व सहायक समन्वयक समग्र शिक्षा तथा कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में जिंदल ऑडिटोरियम रायगढ़ में संकुल प्राचार्यों का एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
उक्त एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य शाला संकुल व्यवस्था के माध्यम से बच्चों की गुणवत्ता में सुधार करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.बाखला एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा नरेन्द्र चौधरी द्वारा मां शारदे के तैल चित्र पर पूजा-अर्चन व समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उक्त एक दिवसीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षण के उद्देश्य में निहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सारगर्भित चर्चा-परिचर्चा की गई। संकुल प्राचार्य को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बी.बाखला ने कहा कि उपचारात्मक शिक्षण का गुणवत्ता व सुधार की दिशा में प्राचार्यगण विशेष पहल एवं प्रयास करें, साथ ही सभी संकुल प्राचार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ शाला संकुल में कराए जाने वाले कार्यो को समय-सीमा में पूर्ण करते हुए शालाओं का निरीक्षण एवं शिक्षकों का अकादमिक समर्थन नियमित रूप से प्रदाय करते हुए शिक्षा गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार लाने का प्रयास करें, आज जो शाला संकुल की व्यवस्था लागू की गई है उसका मुख्य उद्देश्य आज के परिवेश अनुसार शिक्षा प्रदान करना एवं निरीक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। वहीं सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए डीएमसी समग्र शिक्षा रायगढ़ श्री नरेंद्र चौधरी ने गतिविधियों के माध्यम से संकुल प्राचार्य की डायरी की आवश्यकता, शाला संकुल की अवधारणा, शाला संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारियां, शाला संकुल से संबंधित विभिन्न स्तरों पर जॉब चार्ट, शाला संकुल प्राचार्य द्वारा आत्म चिंतन का अवसर, शाला संकुल योजना के परिपेक्ष में संकुल समन्वयकों की बदलती हुई भूमिका, शाला संकुल से संबंधित मूलभूत जानकारियों का संकलन, शाला संकुल में गुणवत्ता सुधार हेतु विशेष फोकस के क्षेत्र, उपचारात्मक शिक्षण हेतु मिशन लर्निंग आउटकम कंपलीशन, शाला संकुल के माध्यम से निरीक्षण हेतु टिप्स एवं शाला संकुल के नवाचार के अवसर आदि विषयों प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ओपी जिंदल स्कूल रायगढ़ के प्राचार्य श्री.आर.के त्रिवेदी ने प्रशिक्षण सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम एक उत्तम व्यवस्था में कार्य करते हैं और इसी उत्तम व्यवस्था के अनुरूप हमें अपनी शत-प्रतिशत क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ अपनी भूमिका व जिम्मेदारी समझनी होगी। वहीं आज के प्रशिक्षण में एडीपीओ श्री जे.के.राठौर द्वारा उपचारात्मक शिक्षण संबंधी कार्य योजना के अनुरूप अब तक संपन्न कार्य व बजट संबंधी कार्य के विषय में जानकारी तथा कोरोना काल के समय हुए लर्निंग लॉस व कक्षाओं में दिखाई दे रहे इसके प्रभाव तथा इस पर किए जाने वाले प्रभावी कार्य एवं शाला संकुल प्राचार्य की डायरी की आवश्यकता एवं अवधारणा पर प्रकाश डाला गया। साथ ही उन्होंने आज के कार्यशाला की रूपरेखा, उद्देश्य, एवं उपयोगिता को विस्तार से बताया तथा उपचार आत्मक शिक्षण को कैसे जमीनी स्तर पर प्रभावशाली ढंग से पहुंचाया जाए इस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने संकुल प्राचार्य से आहवान किया कि जिला स्तर से प्रेषित निर्देशों को गंभीरता पूर्वक चिंतन कर संकुल पर उसका क्रियान्वयन करें। एपीसी बी.पटेल ने शाला संकुल व्यवस्था के विषय में जानकारी प्रदान की। व्याख्याता धरमजयगढ़ डाइट संतोष पटेल द्वारा टेली प्रैक्टिस एवं निक्कल एप्स से परिचय एवं प्रशिक्षण पर प्रकाश डाला गया। वहीं उक्त कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी आलोक स्वर्णकार ने समस्त प्राचार्यों को संबोधित करते हुए संकुल व्यवस्था के माध्यम से गुणवत्ता के विकास हेतु समन्वयकों के कार्य एवं जिम्मेदारी, एफएलएन विकास पर फोकस, मुस्कान पुस्तकालय का बेहतर उपयोग, शाला अनुदानों का बेहतर एवं प्रभावी उपयोग, प्रिंट रिच वातावरण का निर्माण, टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग, उपचारात्मक शिक्षण हेतु मिशन लर्निंग आउटकम कंप्लीशन तथा विद्यालय विकास नेतृत्व आदि बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वही बीआरसी रायगढ़ से मनोज अग्रवाल ने प्रशिक्षण के दौरान प्राचार्य व संकुल के बीच समन्वय, स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन कक्षा एवं कोचिंग कक्षा का निरीक्षण तथा शाला संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारी एवं जॉब चार्ट पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम की समाप्ति पर उक्त कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी श्री आलोक स्वर्णकार द्वारा उपस्थित सभी प्राचार्यों व अधिकारियों का आभार प्रदर्शन किया।





