15 मई को भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ का प्रदेश व्यापी आंदोलन

रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश 5 सूत्रीय मांगों को लेकर 15 मई को सभी जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव के नाम ज्ञापन देंगे। इस प्रदेशव्यापी आंदोलन की सूचना से मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव तथा सभी जिलों में कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आज आनलाइन सूचना प्रेषित किया है।
उक्त जानकारी जारी संयुक्त विज्ञप्ति में कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा , प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी तथा सेवानिवृत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक ने दी है। जारी विज्ञप्ति में आगे बताया गया कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने पेंशनर्स हितैषी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत राज्य सभी जिलों में गुरुवार 15 मई 2025 को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव को मांगपूर्ति हेतु ज्ञापन देंगे।
जारी विज्ञप्ति में 5 सूत्रीय मांगो के बारे में बताया गया है कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) को विलोपित करने, विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित कर छत्तीसगढ़ सरकार का 2000 करोड़ से अधिक राशि का सालाना आर्थिक नुकसान को रोकने,केन्द्र के देय तिथि और दर पर मोदी की गारंटी के तहत पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को एरियर सहित डीआर देने का निर्णय कैबिनेट से पारित करने,भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के मांग पर पेंशन एवं भविष्य निधि संचालनालय के स्थापना के बाद अब संयुक्त संचालक पेंशन और जिला पेंशन कार्यालय की तत्काल स्थापना करने,कैशलेश मेडिकल सुविधा का लाभ सभी सरकारी अस्पतालों के साथ सरकारी कर्मचारियों की भांति राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सभी निजी अस्पतालों में भी सुविधा देने के आदेश जारी करने और सेवानिवृत नियमित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का संपूर्ण सेवाकाल को पेंशन अवधि के लिए गणना में लिए जाने एवं उन्हें भी अन्य सेवानिवृत कर्मचारियों की भांति सभी आर्थिक लाभ दिए जाने की मांग शासन से की गई है।





