छत्तीसगढ़

जनगणना 2027 की तैयारियों के लिए अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

Shantanu Roy
20 Dec 2025 9:00 PM IST
जनगणना 2027 की तैयारियों के लिए अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
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छग
Durg. दुर्ग। जिले में जनगणना 2027 की तैयारियों का शुभारंभ हो गया है। इसके तहत ग्रामों और नगरों की भौगोलिक स्थिति एवं सीमा की सटीक जानकारी सुनिश्चित करने के लिए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नगरीय निकायों के जनगणना चार्ज अधिकारी एवं राजस्व अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर अभिजीत सिंह ने की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और जनगणना के समय उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं की जानकारी प्रशिक्षकों से आवश्यक रूप से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सही और सटीक जानकारी सुनिश्चित करना जिले में जनगणना की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस प्रशिक्षण में सहायक निर्देशक जनगणना एवं दुर्ग जिले की जनगणना नोडल अधिकारी रश्मिता स्वाई ने अधिकारियों को अवगत कराया कि भारत की जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दो चरणों में कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और सीमाओं का भूसंदर्भ (Georeferenced) में सटीक होना अनिवार्य है, ताकि किसी बसाहट का क्षेत्र छूट न जाए और किसी क्षेत्र का अन्य क्षेत्र में अधिव्यापन न हो।
स्वाई ने बताया कि जनगणना कार्य हेतु उपयोग किए जाने वाले चार्ज मानचित्र में ग्रामों और नगरों की सीमा एवं स्थिति की सटीकता संबंधित चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। चार्ज मानचित्र को चार्ज अधिकारी द्वारा प्रमाणित और सत्यापित किया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि जनगणना निदेशालय द्वारा तहसीलवार शेप फाइल (Shape File) सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराई जाएगी। यह शेप फाइल पूर्व में चार्ज अधिकारियों द्वारा प्रमाणित और सत्यापित मानचित्र के अनुरूप होगी।
प्रशिक्षण में अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि तहसील कार्यालय में प्राप्त शेप फाइल को अच्छी तरह जांचें और यदि कोई विसंगति हो तो ‘गूगल अर्थ प्रो’ का उपयोग कर ग्रामों की सीमाओं को सुसंगत करें और संशोधित शेप फाइल जनगणना निदेशालय को भेजें। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि मानचित्र में तहसील के सभी राजस्व ग्राम एवं नगर शामिल हों। स्वाई ने अधिकारियों को गूगल अर्थ प्रो के तकनीकी प्रयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से दी। तकनीकी सहायक धर्मेन्द्र सिन्हा ने जिले के ग्रामीण और नगरी क्षेत्रों की शेप फाइल और मानचित्र की विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की।
इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। प्रशिक्षण में एडीएम अभिषेक अग्रवाल, नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त सुमित अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त दशरथ राजपूत, एसडीएम दुर्ग ग्रामीण हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम दुर्ग शहर उत्तम ध्रुव सहित सभी तहसीलदार और नगरीय निकायों के जनगणना चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें डिजिटल जनगणना की तैयारी में सक्षम बनाना है और यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना 2027 जिले में बिना किसी त्रुटि के संपन्न हो। उन्होंने कहा कि सही और प्रमाणित जानकारी न केवल जनगणना की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी होगी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए तकनीकी पहलुओं, शंकाओं और मानचित्र की सटीकता से जुड़ी प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया। यह प्रशिक्षण जिले में सटीक, पारदर्शी और डिजिटल जनगणना सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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