छत्तीसगढ़

रायपुर में एक भी कब्जाधारी को नहीं मिला पट्टा

Nilmani Pal
22 March 2023 6:00 AM GMT
रायपुर में एक भी कब्जाधारी को नहीं मिला पट्टा
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विस में पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन ने नगरीय निकायों में पट्टा वितरण का मुद्दा उठाया

जसेरि रिपोर्टर

रायपुर। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को विधानसभा में नगरीय निकाय क्षेत्र में पट्टा वितरण का मुद्दा उठाया व पूछा कि नगरी निकाय एरिया में पट्टा वितरण का क्या हुआ? कितने लोगों को पट्टा मिला? रायपुर नगर निगम क्षेत्र में कितने लोगों को सवा 4 साल में पट्टा मिला है? जिसके जवाब में मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि 10 हजार हितग्राहियों को पट्टा देना शेष है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र के किसी वार्ड में पात्र हितग्राहियों की चिन्हांकन कार्यवाही अभी तक नही हुई है। पट्टा वितरण के लिए हितग्राहियों के लिए चयन प्रक्रियाधीन है। बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि जन घोषणा पत्र में शहरी कब्जाधारियों को पट्टा वितरण, राजीव आश्रम योजना के तहत करने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2019 से 23 फरवरी 2023 तक प्रदेश भर में कितना पट्टा वितरण किया गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या योजना के लिए सर्वे हुआ है? यदि सर्वे हुआ है तो क्या सर्वे का कार्य पूरा हो गया है? यदि नहीं तो कब तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा? साथ ही योजना के लिए अधिकारियों को पट्टा देने के क्या-क्या नियम व मापदंड है प्रदेश में कितने पात्र हितग्राही हैं? इसकी उन्होंने नगरीय निकायवार जानकारी मांगी। इसके अलावा उन्होंने रायपुर नगर निगम में वार्डवार पात्र हितग्राहियों की संख्या पूछी तथा पट्टे के लिए कोई शुल्क का निर्धारण किया गया है तो निकायवार बताया जाए। जवाब में राजस्व मंत्री ने बताया कि पूछी गई तिथि तक प्रदेश के जिलों में 21,042 पट्टे का वितरण किया जा चुका है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बलरामपुर- रामानुजगंज मे एक भी हितग्राही को पट्टा वितरित नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस हेतु सर्वे का काम बिलासपुर और जशपुर मे प्रक्रियाधीन है। बाकी जगहों पर पूर्ण हो चुका है। राजस्व मंत्री ने बताया कि नगरीय निकाय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृत अधिकारों का प्रदान किया जाना) नियम 2019 छत्तीसगढ़ राजपत्र दिनांक 26 नवंबर 2019 तथा दिनांक 30 नवंबर 2019 में हितग्राहियों को पट्टा देने का प्रावधान है। आज की तारीख में 30,097 हितग्राही प्रदेश भर में हैं। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में पट्टा के लिए शुल्क ?5 प्रति वर्ग फुट है। वही नगर पालिका वह नगर निगम क्षेत्र में ?10 तथा राजधानी रायपुर निगम क्षेत्र के लिए ?15 प्रति वर्ग फुट शुल्क निर्धारित किया गया है। विधायक अग्रवाल ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय क्षेत्र में बस्तियों में रहने वाले कब्जाधारी लोगों के साथ अन्याय कर रही है। लोगों को पट्टा देने का झांसा देकर उनसे वोट तो ले लिया पर जब पट्टा देने की बारी आई तो सर्वेक्षण व प्रक्रिया के नाम पर उन्होंने जनता को उलझाया जा रहा है। सवा चार साल में पट्टा नहीं दे पाया है। वहीं अनेक नगरीय निकाय क्षेत्रों में पट्टे के नाम से लोगों से पैसे वसूला जा रहा है। प्रदेश सरकार की नियत शुरू से ही लोगों को पट्टा देने की नहीं रही है। अकेले रायपुर में हजारों-हजार पट्टाधारी है, जिन्हे सरकार पट्टा देने से बच रही है। पट्टा देने के नाम पर कोई ना कोई है बहाना रोज बना रही है।

सरकारी स्कूलों के 69 हजार रिक्त पद

खोल रहे कांग्रेस सरकार की पोल

वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के स्कूलों में रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार बेहतर शिक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती हैं। परंतु आंकड़े यह साबित कर रहे हैं कि उनकी सारी बातें फर्जी व झूठ है। सच्चाई यह है कि 69,781 शिक्षकों के पद आज भी रिक्त है। कांग्रेस सरकार ने मात्र 11 हजार पदों में भर्ती की है। इतना ही नहीं रायपुर नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में 486 पद आज भी रिक्त है। बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि 1 जनवरी 2023 की स्थिति में शिक्षक संवर्ग के कुल कितने पद स्वीकृत हैं व स्वीकृत के विरुद्ध कितने पद भरे हुए हैं व कितने पद रिक्त हैं। इसके अलावा उन्होंने 1 जनवरी 2019 से 1 जनवरी 2030 तक प्रदेश में कुल कितने शिक्षकों की भर्ती की गई इसकी जानकारी चाहिए तथा रायपुर नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में किस-किस वर्ग के कितने पद रिक्त हैं यह भी पूछा।

जवाब में शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि जनवरी 2023 की स्थिति में प्राचार्य के 4,564 व्याख्याता के 45,907, व्यायाम शिक्षक के 2,610, शिक्षक (ग्रंथपाल) के 2,517, सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) 8,141, प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक) 12,964, शिक्षक 58,648, प्रधान पाठक (प्राथमिक) 30,783, सहायक शिक्षक के 80,336 पद स्वीकृत है। इसके विरुद्ध प्राचार्य 1,298, व्याख्याता 38,092, व्यायाम शिक्षक 1,662, शिक्षक (ग्रंथपाल) 238, सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) 4,383, प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक) 8,631, शिक्षक 40872, प्रधान पाठक (प्राथमिक) 27,083 सहायक शिक्षक 54,922 कार्यरत है। आंकड़े बता रहे हैं कि इन सभी पदों के 69,781 पद रिक्त हैं। जबकि 1 जनवरी 2019 से अब तक मात्र 11 हजार पदों में भर्ती की गई है। इसी प्रकार रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्राचार्य 3, व्याख्याता 1, प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला) 6, शिक्षक 55, प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) 3, सहायक शिक्षक 350, सहायक शिक्षक (विज्ञान) 30, ग्रंथपाल शिक्षक (निम्न श्रेणी) 35 पद यानी कुल 486 पद रिक्त है।

बेमौसम बारिश से फसल खराब होने पर विपक्ष लाया स्थगन प्रस्ताव, अग्राह्य

विधानसभा में मंगलवार को शून्यकाल में बीजेपी ने बेमौसम बारिश से फसल खराब होने का मामला उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव लाई. आसंदी ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य किया, जिस पर विपक्ष ने सरकार पर किसानों के मुद्दे पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया. सदन में राजस्व मंत्री ने बारिश और ओलावृष्टि से हुई नुकसान की जानकारी दी. बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि 18 और 19 मार्च को छग में बेमौसम बारिश हुई है और ओलावृष्टि भी हुई है. सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है. इसमें स्थगन दिया है, ग्राह्य करके चर्चा कराई जाए. किसानों के 100 करोड़ के टमाटर खराब हो गए हैं. चना और गेहूं की फसल भी खराब हुई है. सरकार ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया है.आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य करते हुए कहा कि किसी न किसी रूप के इसमें चर्चा कराई जाएगी. स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार होने के बाद विपक्ष ने कहा कि अपने आप को किसान हितैषी बताने वाली सरकार किसानों के मुद्दे पर चर्चा करने से भाग रही है. कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन आसंदी ने व्यवस्था कर दी है तो किसी न किसी रूप में चर्चा होगी।

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