छत्तीसगढ़

अवैध धान खपाने वालों की खैर नहीं! खैरागढ़ प्रशासन का बड़ा एक्शन; विशेष जांच दल गठित

Shubhra Nandy
27 Oct 2026 8:16 AM IST
अवैध धान खपाने वालों की खैर नहीं! खैरागढ़ प्रशासन का बड़ा एक्शन; विशेष जांच दल गठित
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कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित
खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियों के बीच खैरागढ़ जिला प्रशासन ने अवैध धान की आवक, परिवहन, भंडारण और पुनर्चक्रण पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने थोक एवं फुटकर मंडी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में व्यापारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि धान की अवैध खरीदी-बिक्री या परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अवैध धान परिवहन की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा राजस्व, खाद्य, मंडी, सहकारिता, वन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष जांच दल भी गठित किए गए हैं।
दूसरे राज्यों से अवैध धान लाकर खपाने वालों पर रहेगी नजर
अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने बैठक में कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान दूसरे राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर छत्तीसगढ़ के उपार्जन केंद्रों में खपाने के प्रयासों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में पंजीकृत किसानों के रकबे का दुरुपयोग करके बाहरी धान को समर्थन मूल्य पर बेचने का प्रयास किया जा सकता है। ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क रहेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि धान की आवक, खरीदी-बिक्री और परिवहन से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की नियमित जांच की जाए।
बिचौलियों और कोचियों पर प्रशासन की सख्ती
बैठक में बिचौलियों और कोचियों की संभावित अवैध गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि छोटे स्तर पर धान खरीदकर उसे पंजीकृत किसानों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर बेचने के प्रयासों पर नजर रखी जाए। इसके साथ ही मिलरों और परिवहनकर्ताओं द्वारा धान के पुनर्चक्रण की संभावित गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों को ही मिलना चाहिए। इसके लिए धान की खरीदी-बिक्री से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
जिला स्तर पर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित
अवैध धान परिवहन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की है। इसके माध्यम से धान परिवहन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सतत निगरानी की जाएगी। संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व, खाद्य, मंडी, सहकारिता, वन और परिवहन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमों को निरीक्षण एवं जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेष जांच दल करेंगे नियमित निरीक्षण
अवैध धान की आवक और परिवहन रोकने के लिए गठित विशेष जांच दल नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। इन दलों का उद्देश्य धान की अवैध खरीदी-बिक्री, भंडारण, परिवहन और पुनर्चक्रण जैसी गतिविधियों का पता लगाना है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों या व्यापारिक संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।
व्यापारियों को रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश
अपर कलेक्टर ने मंडी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को धान की खरीदी-बिक्री, भंडारण और परिवहन से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना होगा और जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन ने व्यापारियों से अपील की कि वे धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने में सहयोग करें। अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों और व्यापारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। प्रशासन का उद्देश्य अवैध धान की आवक रोकने के साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि शासन की खरीदी व्यवस्था का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचे।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी वैधानिक कार्रवाई
बैठक के अंत में अपर कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध धान की खरीदी-बिक्री, भंडारण, परिवहन या पुनर्चक्रण में शामिल पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी व्यापारियों से शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और जिला प्रशासन को सहयोग देने की अपील की। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए उठाए गए इन कदमों से खैरागढ़ जिले में धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
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