छत्तीसगढ़

साय सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर सुशासन तिहार मना रही जनता

Nilmani Pal
20 May 2026 4:16 PM IST
साय सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर सुशासन तिहार मना रही जनता
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रायपुर। सुशासन त्योहार के आते ही छत्तीसगढ़वासियों को नई ऊर्जा मिली। नई सरकारी स्कीमों का लाभ के साथ साय सरकार ने प्रदेश की जनता के हित में एक और तिहार मनाने का आह्वान किया है, वो है सुशासन तिहार “सुशासन तिहार 2026” जिसके तहत राज्य सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना और सरकारी सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है। जिलों में लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिक बड़ी संख्या में योजनाओं से जुड़ रहे हैं।

स्वास्थ्य, राशन कार्ड, पेंशन, आवास और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ तत्काल दिया जा रहा है। कई जिलों में हजारों लोगों ने शिविरों में पहुंचकर अपने आवेदन जमा किए और मौके पर ही समाधान प्राप्त किया। सरकार का कहना है कि इस पहल से लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिल रही है और प्रशासन सीधे जनता के द्वार तक पहुंच रहा है। सुशासन तिहार के जरिए प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।


अब संतोष को जीरो ब्याज दर पर ऋण सुविधा का मिलेगा लाभ

गरियाबंद जिला विकासखंड फिंगेश्वर के ग्राम पोखरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषक संतोष साहू को केसीसी सह पासबुक प्रदान किया गया। केसीसी सह पासबुक मिलने से किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। जिससे वे खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था आसानी से कर सकेंगे। साथ ही धान विक्रय से संबंधित राशि का भुगतान एवं बैंकिंग लेन-देन भी अधिक सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ हो सकेगा।किसान संतोष साहू ने केसीसी सह पासबुक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है तथा अब खेती कार्य और अधिक सुगमता से किया जा सकेगा। सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

3 महिला समूहों को मिला 10 लाख रुपये का ऋण

सुकमा जिले के ग्राम पंचायत ढोंढरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित विशेष शिविर में ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मौके पर उपलब्ध कराया गया। शिविर में प्रशासन की सक्रियता और जनसेवा का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 10 लाख रुपये का बैंक ऋण वितरित किया गया। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए राजेश्वरी समूह को 4 लाख रुपये, सीताफल समूह को 3 लाख रुपये तथा कनकादुर्गा समूह को 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इस पहल से महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।


आवेदन के साथ ही हुआ त्वरित निराकरण

सरगुजा जिले के ग्राम बड़ादामली निवासी फूल मंतिया सिंह को सुशासन तिहार में आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया गया, जिससे उनके परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत संबल मिला है। फूल मंतिया सिंह ने बताया कि वे लंबे समय से आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रयासरत थीं, लेकिन विभिन्न कारणों से उनका कार्ड नहीं बन पा रहा था। गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर अधिकारियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर सौंप दिया।

5 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा

आयुष्मान कार्ड प्राप्त होने पर सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उनके परिवार को गंभीर बीमारी की स्थिति में 5 लाख रूपए तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे आकस्मिक चिकित्सा खर्च की चिंता काफी हद तक समाप्त हो गई है। फूल मंतिया सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है और गरीब परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ सहजता से मिल रहा है।


सुशासन तिहार ने लौटाई मुस्कान

जनपद पंचायत मरवाही अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरा निवासी दिव्यांग हितग्राही स्वरूप सिंह पोर्ते के जीवन में भी सुशासन तिहार नई उम्मीद और राहत लेकर आया है। स्वरूप सिंह पोर्ते 80 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांग हैं। शिविर में आवेदन देने के तुरन्त बाद पोर्ते को तत्काल व्हील चेयर उपलब्ध कराई गई। स्वरूप सिंह पोर्ते शारीरिक परेशानी के कारण उन्हें लंबे समय से दैनिक कार्यों और आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। घर से बाहर निकलना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की परेशानियां होती थीं।

इसी दौरान उन्हें सुशासन तिहार 2026 के तहत ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित समाधान शिविर की जानकारी मिली। शासन की इस पहल से प्रेरित होकर वे शिविर में पहुंचे और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने व्हील चेयर उपलब्ध कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। समाज कल्याण विभाग ने मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। आवेदन प्राप्त होने के बाद सहायक उपकरण वितरण योजना के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्री पोर्ते को तत्काल व्हील चेयर उपलब्ध कराई गई। शासन की इस त्वरित पहल से उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है।

व्हील चेयर मिलने के बाद अब स्वरूप सिंह पोर्ते पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर हो गए हैं। उन्हें आने-जाने में काफी सुविधा हो रही है और वे अपने दैनिक कार्य सहजता से कर पा रहे हैं। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि परिवार के सदस्यों को भी बड़ी राहत मिली है। पोर्ते ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले उन्हें हर छोटे कार्य के लिए दूसरों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब व्हील चेयर मिलने से उनका जीवन काफी आसान हो गया है। उन्होंने शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं तथा सुशासन तिहार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

मछुआरों को मिला प्रोत्साहन

विकासखंड रामानुजनगर अंतर्गत कमलपुर गांव में आयोजित सुशासन तिहार में मछुआ सहकारी समिति मर्यादित धनेशपुर के सदस्य भरत सिंह एवं दिलप्रताप को मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदान किया गया। राज्य शासन गांवों में रहने वाले किसानों एवं मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि संबंधित हितग्राही ग्राम के बांध को 10 वर्षीय लीज पर लेकर समिति के माध्यम से मत्स्य पालन का कार्य कर रहे हैं। समिति द्वारा नियमित रूप से मत्स्य संवर्धन एवं मत्स्याखेट गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तथा समिति सदस्यों की आय में भी वृद्धि हो रही है। कार्यक्रम में मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मत्स्य व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन द्वारा मछुआ समुदाय एवं मत्स्य सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने लगातार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार अवसर सृजित हो रहे हैं। बस्तर के ग्रामीण अंचल बस्तर और सरगुजा के पहाड़ी क्षेत्र में सुशासन के लिए बाधक नहीं है अब सरकार की सभी सुविधाएँ ज़मीनी स्तर पर लगातार क्रियान्वयन अधिकारियों के द्वारा विष्णुदेव साय सरकार के निर्देश और निर्देशन पर सुचारु रूप से सुशासन त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है।



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