छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों की मुलाकात

Shantanu Roy
4 Sept 2025 8:27 PM IST
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों की मुलाकात
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मंत्रालय महानदी भवन में हाल ही में नियुक्त कैबिनेट मंत्रियों गजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीनों नेताओं को नवनियुक्त दायित्व की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके अनुभव और कार्यकुशलता से प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश की जनता ने सरकार से बड़ी अपेक्षाएं रखी हैं। ऐसे समय में मंत्रिमंडल में नए चेहरों का जुड़ना विकास यात्रा को गति देने का कार्य करेगा। उन्होंने तीनों मंत्रियों को उनके विभागीय कार्यभार को संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि “उनकी निष्ठा और समर्पण से प्रदेश नई ऊँचाइयों को छुएगा।”


कैबिनेट विस्तार के बाद पहली मुलाकात
हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार में गजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब को मंत्री बनाया गया है। नियुक्ति के बाद पहली बार तीनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से मंत्रालय जाकर औपचारिक मुलाकात की। इस मुलाकात को प्रदेश की राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि मंत्रिमंडल में नए चेहरों के आने से सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा और संतुलन की उम्मीद की जा रही है।
नवनियुक्त मंत्रियों की प्रतिक्रिया
मुलाकात के बाद तीनों नवनियुक्त मंत्रियों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अपने-अपने विभाग में बेहतर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने और छत्तीसगढ़ को विकास के नए पथ पर ले जाने के लिए वे पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
गजेन्द्र यादव ने कहा कि ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूती देना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
राजेश अग्रवाल ने प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने पर जोर देने की बात कही।
गुरु खुशवंत साहेब ने शिक्षा और सामाजिक उत्थान को अपने कार्यकाल का मुख्य एजेंडा बताया।
प्रदेश की राजनीति में नए संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट में नए चेहरों की एंट्री से संतुलन साधने और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का संदेश भी गया है। इससे सरकार की छवि को मजबूती मिलेगी और संगठनात्मक रूप से पार्टी को भी लाभ होगा।
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