
x
20 लाख रुपये की बरामदगी पर विवाद
रायपुर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जंगल से बरामद माओवादियों के 20 लाख रुपये गायब होने के मामले में दो पुलिस उप अधीक्षक (DSP) के खिलाफ चल रही जांच पूरी हो गई है। कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय के बाद तय होगी।
मामला माओवादियों से जुड़ी बरामद रकम के गायब होने के आरोपों से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखे गए माओवादी संगठन के पैसों को पुलिस कार्रवाई के दौरान बरामद किया गया था। इसके बाद आरोप लगे कि बरामद 20 लाख रुपये की राशि में गड़बड़ी हुई और रकम का सही तरीके से हिसाब नहीं दिया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान संबंधित पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए और मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। जांच पूरी होने के बाद एसपी निखिल राखेचा ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।
सरेंडर नक्सलियों के बयान से उठा मामला
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में सरेंडर कर चुके नक्सलियों के बयानों के बाद सवाल उठे थे। सरेंडर नक्सलियों ने बरामद रकम को लेकर कुछ जानकारी जांच एजेंसियों को दी थी, जिसके आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई गई। जांच अधिकारियों ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगालने की कोशिश की। इसमें बरामदगी की प्रक्रिया, रकम की जानकारी, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और अन्य तथ्यों की जांच की गई।
रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट भेजे जाने के बाद अब उच्च स्तर पर इसका परीक्षण किया जाएगा। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस लगातार अभियान चलाती है। ऐसे अभियानों के दौरान बरामद हथियार, विस्फोटक और नकदी को लेकर तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है। किसी भी तरह की अनियमितता के आरोप लगने पर विभागीय जांच की जाती है।
नक्सल अभियान से जुड़ा मामला
कांकेर जिला लंबे समय से नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। सुरक्षा बलों की ओर से जंगल क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए जाते हैं। इस दौरान कई बार नक्सली ठिकानों से बड़ी मात्रा में सामग्री और नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आती है।
20 लाख रुपये के इस मामले में जांच रिपोर्ट अब उच्च अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में रिपोर्ट के आधार पर विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
Next Story





