छत्तीसगढ़

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आधुनिक ट्रैक मशीनों से रेल पथ अनुरक्षण को नई गति

Shantanu Roy
30 July 2026 9:14 PM IST
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आधुनिक ट्रैक मशीनों से रेल पथ अनुरक्षण को नई गति
x
छग
Bilaspur. बिलासपुर। भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण माल परिवहन क्षेत्रों में अग्रणी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लगभग 5,500 ट्रैक किलोमीटर के विशाल रेल नेटवर्क पर प्रतिदिन लगभग 400 से अधिक यात्री एवं मालगाड़ियों का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित कर रहा है। इतनी व्यापक रेल संरचना के संरक्षित एवं निर्बाध संचालन के लिए रेल पथ का नियमित एवं उच्च गुणवत्ता वाला अनुरक्षण अत्यंत आवश्यक है। रेलवे ट्रैक केवल दो रेल पटरियों का समूह नहीं है, बल्कि यह रेल, स्लीपर, बैलास्ट (गिट्टी), फास्टनिंग एवं ज्यामितीय मानकों से मिलकर बनी एक अत्यंत संवेदनशील संरचना है। ट्रैक की लाइनिंग, लेवलिंग, अलाइनमेंट तथा बैलास्ट की गुणवत्ता सीधे तौर पर रेल परिचालन की संरक्षा, गति और यात्रियों के आरामदायक सफर को प्रभावित करती है। इसलिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे आधुनिक तकनीक आधारित ट्रैक मशीनों के माध्यम से रेल पथ अनुरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

आधुनिक ट्रैक मशीनों के उपयोग से ट्रैक अनुरक्षण कार्य अधिक तेज, सटीक, संरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सम्पन्न हो रहे हैं। इन मशीनों के माध्यम से भारी-भरकम कार्य कम समय में संपन्न होने के साथ-साथ ट्रैक कर्मियों की संरक्षा भी सुनिश्चित होती है तथा ट्रेनों के परिचालन पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तीसरी, चौथी एवं नई रेल लाइनों के निर्माण के साथ-साथ विद्यमान रेल पथ के अनुरक्षण में ट्रैक मशीनों की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। विशेष रूप से नागपुर–झारसुगुड़ा मुख्य रेलखंड पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से रेल परिचालन को ध्यान में रखते हुए उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक अनुरक्षण की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। इसी दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 (01 अप्रैल से 30 जून 2026) के दौरान ट्रैक मशीनों के माध्यम से उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।

इस अवधि में 2,042 किलोमीटर प्लेन ट्रैक टैंपिंग, 907 टर्नआउट टैंपिंग, 102 किलोमीटर डीप स्क्रीनिंग (गिट्टी छनाई), 50 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूअल एवं 58 टर्नआउट रिन्यूअल का कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया है। यह उपलब्धियाँ उपलब्ध ब्लॉक समय के प्रभावी उपयोग एवं बेहतर योजना के साथ प्राप्त की गई हैं। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 92 आधुनिक ट्रैक मशीनें रेल पथ अनुरक्षण के लिए कार्यरत हैं। इनमें सीएसएम, ड्योमैटिक, एमपीटी, यूनिमेट, बीसीएम, एफआरएम, पीक्यूआरएस, टी-28, बीआरएम, डीजीएस,
यूटीवी
सहित अनेक अत्याधुनिक मशीनें शामिल हैं। इन मशीनों के संचालन एवं रखरखाव के लिए ट्रैक मशीन संगठन में लगभग 900 प्रशिक्षित कर्मचारी कार्यरत हैं। रेल पथ अनुरक्षण का कार्य दिन-रात, हर मौसम में निरंतर चलता रहता है। ट्रैक मशीनों एवं समर्पित रेल कर्मियों के समन्वित प्रयासों से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे संरक्षित, विश्वसनीय एवं समयबद्ध रेल परिचालन सुनिश्चित कर रहा है। दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने हेतु आधुनिक ट्रैक मशीनों द्वारा ट्रैक अनुरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का सतत प्रयास है कि प्रत्येक रेल यात्री को संरक्षित, आरामदायक एवं विश्वसनीय यात्रा का अनुभव प्राप्त हो तथा भारतीय रेलवे के प्रति यात्रियों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता रहे।
Next Story