छत्तीसगढ़

राजधानी में पैठ बना रहे नए बदमाश, गुढिय़ारी में ज्यादा

Nilmani Pal
6 July 2022 6:14 AM GMT
राजधानी में पैठ बना रहे नए बदमाश, गुढिय़ारी में ज्यादा
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पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों के 18 अपराधियों की सूची बनाई

जसेरि रिपोर्टर

रायपुर। शहर में गुंडेे-बदमाशों की सूची में गुढिय़ारी ने सबको मात दे दिया है। पुलिस की तरफ से जारी 18 अपराधियों की सूची में अकेले इस इलाके से पांच हैं। दूसरे स्थान पर चार नामी बदमाशों के साथ कोतवाली थाना क्षेत्र है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों के ऐसे कुल 18 बदमाशों का नाम इस सूची में रखा गया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी बदमाश चाकूबाजी, हत्या, लूट, चोरी, मारपीट जैसे अपराधों में लगातार लिप्त रहे हैं। नई सूची में गुढिय़ारी थाने में पांच, कोतवाली में चार, गोलबाजार और पुरानीबस्ती के साथ खमतराई और नेवरा थाने के दो-दो और माना थाने के एक बदमाश का नाम रखा गया है।

ये हैं नए बदमाश, थानेवार नाम - थाना खमतराई- लालू डोंगरे, उत्तम साहू। - थाना कोतवाली- प्रतीक घाटके, शिवा मुदलियार, फेजा अहमद, बादल हरपाल।- थाना गोलबाजार-आकाश नायक, पीयूष बघेल।- थाना माना- विश्वजीत सरकार।- थाना गुढिय़ारी- आकाश गजभिये उर्फ बाबा, शंकर सोनी उर्फ राजा, सोनू पोर्ते, संगम मेश्राम, विकास देशमुख।- थाना नेवरा- राकेश कुर्रे, करण संतवानी। -थाना पुरानी बस्ती- आशीष यादव, विष्णु यादव।

रायपुर पुलिस ने सक्रिय अपराधियों व गुंडे-बदमाशों को जिलाबदर करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने इसके लिए सभी थानेदारों को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। इस प्रस्ताव को एसपी अपनी अनुशंसा के साथ कलेक्टर को भेजेंगे। नामों की समीक्षा के बाद कलेक्टर जिलाबदर की घोषणा करेंगे। थानों में अपराधियों की कुंडली तैयार की जा रही है। तीन आपराधिक रिकार्ड वाले बदमाशों को इस सूची में शामिल किया जाता है।'

चोरी, लूट और डकैती जैसी घटनाएं

निगरानी बदमाशों की सूची में उन लोगों का नाम शामिल होता है जो संपत्ति से संबंधित अपराध करते हैं। इनमें चोरी, लूट और डकैती जैसी घटनाएं शामिल हैं। लगातार अपराध करने वाले इस सूची में रखे जाते हैं। इस प्रवृत्ति की घटनाएं होने पर सबसे पहले इनसे ही पूछताछ की जाती है।

दो साल में पांच से अधिक केस दर्ज

मारपीट और धमकी के अलावा हत्या जैसे अपराध करने वालों का नाम गुंडों की सूची में होते हैं। दो साल में पांच या उससे अधिक केस दर्ज होने के बाद पुलिस ऐसे लोगों का नाम इसमें डाल देती है। क्षेत्र में कहीं भी मारपीट, लूट या वसूली के लिए धमकी की शिकायत मिलती है तो सबसे पहले इस सूची के नामधारियों को ही थाने बुलाया जाता है।

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