छत्तीसगढ़

कैबिनेट में आज नए कृषि कानूनों पर लगेगी मुहर

Mahima Marko
26 Oct 2020 5:37 AM GMT
कैबिनेट में आज नए कृषि कानूनों पर लगेगी मुहर
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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में राज्य सरकार चार नए विधेयक ला रही है

रायपुर (जसेरि)। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में राज्य सरकार चार नए विधेयक ला रही है। इसमें समर्थन मूल्य से कम में खरीदी पर सजा, स्टॉक लिमिट तय करने से लेकर श्रम कानूनों में बदलाव के प्रस्ताव शामिल हैं।

सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक में इन विधेयकों को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद 27 व 28 अक्टूबर को विधानसभा के विशेष सत्र में विधेयकों को पेश किया जाएगा। केंद्रीय कृषि कानून के विरोध में राज्य सरकार दो दिन का विशेष सत्र बुला रही है। सत्र में केंद्रीय कानून को रोकने के लिए राज्य सरकार नया कानून बनाएगी। साथ ही, श्रम कानून में होने वाले बदलाव को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी। सीएम बघेल ने कुछ दिन पहले हुई बैठक में इससे संबंधित ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कृषि, सहकारिता, खाद्य और विधि विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी थी। बताया गया है कि समर्थन मूल्य से नीचे की खरीदी करने वालों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह जमाखोरी पर अंकुश लगाने स्टॉक लिमिट तय करने के लिए आवश्यक वस्तु कानून में संशोधन किया जाएगा। किसानों को शीघ्र भुगतान दिलाने का प्रावधान किया जाएगा। विवाद की स्थिति में किसानों को कोर्ट जाने का अधिकार होगा।

बड़े और मझोले किस्म के उद्योगों के श्रमिकों के लिए श्रम नियमों में संशोधन किया जाएगा। कैबिनेट में राज्योत्सव और धान खरीदी के लिए बारदानों की व्यवस्था तथा किसानों को दी जाने वाली चौथी किस्त पर भी बैठक में चर्चा की जाएगी।

किसानों को किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त 1 नवंबर को

किसानों को राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान की शेष राशि की तीसरी किस्त देने के लिए सरकार एक हजार करोड़ कर्ज लेगी। इसके लिए मंगलवार को रिजर्व बैंक राज्य के फिक्स डिपॉजिट की नीलामी करेगा। राज्य स्थापना दिवस पर किसानों को 1500 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत सरकार अब तक किसानों को दो किस्त का भुगतान कर चुकी है। राजीव गांधी की जयंती पर पहली और पुण्यतिथि पर दूसरी किस्त का भुगतान किया गया। अब राज्योत्सव के मौके पर तीसरी किस्त दी जाएगी। दिवाली से पहले किसानों के खाते में राशि पहुंच जाएगी, जिससे वे खरीदी कर सकें। वर्तमान वित्तीय वर्ष में यह तीसरा मौका है, जब सरकार कर्ज लेने जा रही है। दरअसल, राज्य सरकार को जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में जो चार हजार करोड़ की तीन किस्तें मिलनी थीं, वह अब तक नहीं मिली है। यही वजह है कि सरकार को कर्ज लेने की जरूरत पड़ रही है।

किसानों को मिलेंगे 5700 करोड़ रुपए

राज्य सरकार ने किसानों को धान का प्रति क्विंटल 2500 रुपए देने का वादा किया था। न्यूनतम समर्थन मूल्य के बाद शेष राशि के लिए 21 मई को राजीव जयंती पर न्याय योजना शुरू की गई। इसके अंतर्गत 5700 करोड़ का भुगतान किया जाना है। तीन किस्तों में 15-1500 करोड़ रुपए के भुगतान के बाद चौथी किस्त में 1200 करोड़ दिए जाएंगे।

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