छत्तीसगढ़

नक्सलियों का हथियार डम्प उजागर, सातमारी पहाड़ी से एसएलआर व इंसास राइफल बरामद

Shantanu Roy
16 Feb 2026 7:14 PM IST
नक्सलियों का हथियार डम्प उजागर, सातमारी पहाड़ी से एसएलआर व इंसास राइफल बरामद
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गरियाबंद। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के लगातार चल रहे सघन अभियानों का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। जिले में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस बल को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना मैनपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बडेगोबरा स्थित सातमारी पहाड़ी इलाके में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों का डम्प उजागर किया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस बल की विशेष ई-30 ऑप्स टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि डीजीएन डिवीजन से जुड़े नक्सलियों ने सातमारी पहाड़ी के दुर्गम क्षेत्र में हथियार डम्प कर रखे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में योजनाबद्ध ढंग से सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों से घिरे सातमारी पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने सूझबूझ और सतर्कता के साथ सर्चिंग की। लंबे समय तक चली तलाशी के बाद पुलिस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा डम्प कर रखे गए कुल चार हथियार बरामद किए गए। इनमें 02 नग एसएलआर, 01 नग इंसास राइफल तथा 01 नग 12 बोर हथियार शामिल हैं। बरामद हथियारों को देखकर पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए हथियार अत्याधुनिक और ऑटोमैटिक श्रेणी के हैं, जिनका इस्तेमाल नक्सली आमतौर पर सुरक्षा बलों पर हमलों अथवा बड़ी घटनाओं को अंजाम देने में करते हैं। इस बरामदगी को संभावित नक्सल हिंसा को समय रहते विफल करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि उक्त हथियारों का डम्प ओडिशा राज्य कमेटी से जुड़े शीर्ष नक्सली नेतृत्व द्वारा तैयार किया गया था। इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया है, क्योंकि यह अंतरराज्यीय नक्सल नेटवर्क की सक्रियता की ओर संकेत करता है। पुलिस का मानना है कि इस प्रकार के डम्प का उद्देश्य भविष्य में किसी बड़ी नक्सली गतिविधि को अंजाम देना हो सकता था। जिला पुलिस बल का कहना है कि सुरक्षा बलों की सतर्कता और समय पर मिली खुफिया सूचना के चलते यह कार्रवाई संभव हो सकी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन और कॉम्बिंग अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि नक्सलियों की किसी भी साजिश को विफल किया जा सके।

गरियाबंद जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक विभिन्न अभियानों में 31 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं, जबकि 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। इसके अलावा सुरक्षाबलों ने माओवादियों से 73 हथियार जप्त किए हैं, जिनमें 31 ग्रेडेड और 42 अन्य हथियार शामिल हैं। विस्फोटक सामग्री की जब्ती भी पुलिस के लिए बड़ी सफलता रही है। अभियान के दौरान 304 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 22 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 14 आईईडी बम, लगभग 114.49 मीटर कॉर्डेक्स वायर और 57 बीजीएल सेल बरामद किए गए हैं। साथ ही नक्सलियों से 62,50,000 रुपये की नकद राशि भी जप्त की गई है।
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