छत्तीसगढ़

केंद्रीय GST अधीक्षकों का देशव्यापी आंदोलन शुरू

Shantanu Roy
2 Nov 2026 4:39 PM IST
केंद्रीय GST अधीक्षकों का देशव्यापी आंदोलन शुरू
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छग
Raipur. रायपुर। केंद्रीय जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के अधीक्षकों की लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन तेज होने लगा है। ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ सुपरिंटेंडेंट्स ऑफ सेंट्रल टैक्स (AIASCT) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि पदोन्नति, कैडर पुनर्गठन और सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में
विरोध प्रदर्शन
को और व्यापक बनाया जाएगा। एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल रवीश चंद्र ने बताया कि केंद्रीय जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के अधीक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन दे रहे हैं। इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान नहीं हो पाया है। अब संगठन ने चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगों को उठाने का निर्णय लिया है। इसके तहत उचित माध्यम से व्यक्तिगत अभ्यावेदन जमा करने की प्रक्रिया जारी है।
रवीश चंद्र के अनुसार, आंदोलन के पहले चरण में 1 नवंबर से सोशल मीडिया के माध्यम से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसके बाद 23 से 27 नवंबर तक देशभर के केंद्रीय जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधीक्षक विरोध के प्रतीक के रूप में काली पट्टियां पहनकर कार्यालयों में काम करेंगे। इस दौरान अधिकारी अपनी नियमित जिम्मेदारियां निभाते हुए मांगों के प्रति सरकार और विभाग का ध्यान आकर्षित करेंगे। आंदोलन के अगले चरण में 9 दिसंबर को देशभर के विभागीय मुख्यालयों पर भोजनावकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन और गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिकारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए ठोस पहल सुनिश्चित करना है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी मांगों पर समुचित ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अगले चरण में वर्क-टू-रूल, असहयोग आंदोलन, आधिकारिक कार्यों के लिए निजी मोबाइल फोन का उपयोग बंद करने और आधिकारिक व्हाट्सऐप समूहों से बाहर निकलने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार, केंद्रीय जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के अधीक्षकों के सामने सबसे बड़ी समस्या पदोन्नति के अवसरों का अभाव है। संगठन का दावा है कि अनेक अधिकारी लगभग तीन दशक तक विभाग में सेवाएं देने के बावजूद केवल एक पदोन्नति प्राप्त कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे अधिकारियों की कैरियर प्रगति प्रभावित हो रही है और लंबे समय से असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
इस आंदोलन का निर्णय AIASCT की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की 12 और 13 सितंबर को भोपाल में आयोजित बैठक में लिया गया था। बैठक में देशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने पदोन्नति, सेवा शर्तों, कैरियर प्रगति और अधिकारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की थी। विचार-विमर्श के बाद लंबित मांगों के समाधान के लिए आवश्यक प्रस्ताव पारित किए गए। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में वर्ष 2014 से आगे की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूचियों (AISLs) को शीघ्र अंतिम रूप देकर जारी करना शामिल है। इसके अलावा सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति के लिए लंबित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की कार्यवाही पूरी करने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि वरिष्ठता सूची और पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने से पात्र अधिकारियों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने व्यापक कैडर पुनर्गठन की मांग भी उठाई है। संगठन के मुताबिक पिछला कैडर पुनर्गठन वर्ष 2014 में हुआ था, जबकि इसकी समीक्षा प्रत्येक पांच वर्ष में अपेक्षित थी। एक दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद नया पुनर्गठन नहीं होने से कैरियर में ठहराव की समस्या बनी हुई है। AIASCT ने विभिन्न कैडरों के बीच पदोन्नति संबंधी असमानताओं को दूर करने और अधिकारियों को बेहतर कैरियर अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। फिलहाल सभी की निगाहें CBIC और संबंधित अधिकारियों की आगामी पहल पर टिकी हैं।
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