छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान: चालकों और फील्ड स्टाफ को दिया आपातकालीन प्रशिक्षण

Shantanu Roy
3 Jan 2026 9:06 PM IST
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान: चालकों और फील्ड स्टाफ को दिया आपातकालीन प्रशिक्षण
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Raipur. रायपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और दुर्घटना में आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर लाइव मॉक-ड्रिल आयोजित किया गया। मॉक-ड्रिल में यात्रियों, वाहन चालकों और एनएचएआई के फील्ड स्टाफ को सड़क दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने हार्ट अटैक, अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव और सांस लेने में कठिनाई जैसी स्थितियों में प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने की वैज्ञानिक तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया।

इस दौरान वाहन तकनीकी खराबी या सड़क दुर्घटना की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी गई। दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित रूप से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। मॉक-ड्रिल का उद्देश्य दुर्घटना के समय आपात प्रतिक्रिया को तेज करना और जीवन रक्षा कौशल विकसित करना था। एनएचएआई ने सर्दियों के मौसम में कोहरे और रात में यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास भी बढ़ाए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहन अधिक स्पष्ट दिखाई दें और दुर्घटना की संभावना कम हो। वाहन चालकों और यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील भी की जा रही है।

एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम यात्रियों और चालकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में तत्काल प्राथमिक उपचार, संयम और सही दिशा-निर्देश जीवन बचाने में निर्णायक साबित होते हैं। मॉक-ड्रिल में शामिल लोगों ने भी प्रतिक्रिया दी कि उन्होंने लाइव प्रशिक्षण से दुर्घटना की स्थिति में व्यवहार और प्राथमिक चिकित्सा कौशल को बेहतर ढंग से समझा। एनएचएआई का यह अभियान पूरे प्रदेश में नियमित रूप से चलाया जाएगा, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति जनता का नजरिया और जागरूकता बढ़े। एनएचएआई ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल चालकों या यात्रियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी सड़क उपयोगकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। मॉक-ड्रिल के माध्यम से लोगों को यह भी सिखाया गया कि सड़क पर संयमित और सुरक्षित व्यवहार अपनाना जीवन रक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
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