छत्तीसगढ़
रहस्यमय फूटप्रिंट से दहशत, खेतों में दिखे बड़े पंजों जैसे निशान
Shantanu Roy
18 Feb 2026 12:10 AM IST

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छग
Jagdalpur. जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर के वार्ड क्रमांक 1 में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई, जब खेतों की मेड़ और कच्ची जमीन पर किसी बड़े जानवर के पंजों जैसे स्पष्ट निशान दिखाई दिए। सुबह-सुबह टहलने और खेतों की ओर जाने वाले ग्रामीणों की नजर जैसे ही इन पगमार्क पर पड़ी, खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई। देखते ही देखते रहवासियों में भय और असमंजस का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, निशान आकार में सामान्य जानवरों से काफी बड़े हैं और पहली नजर में बाघ या किसी अन्य बड़े शिकारी वन्यजीव के पंजों जैसे प्रतीत होते हैं। आशंका के चलते एहतियातन कई ग्रामीणों ने फिलहाल खेतों में जाना बंद कर दिया है। कुछ परिवारों ने अपने मवेशियों को खुले में छोड़ना भी रोक दिया है, ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके। खबर फैलते ही आसपास के रहवासी बड़ी संख्या में खेतों की ओर पहुंचने लगे। लोगों में जिज्ञासा और डर दोनों देखने को मिले। कई लोगों ने मोबाइल फोन से पगमार्क की तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए, जिससे चर्चा और भी तेज हो गई।
वन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद स्पष्ट किया कि केवल पंजों जैसे निशानों के आधार पर किसी बड़े हिंसक वन्यजीव, जैसे बाघ या तेंदुए, की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की जा सकती। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि क्षेत्र में वास्तव में बाघ या तेंदुआ जैसा बड़ा शिकारी जानवर मौजूद होता, तो आसपास शिकार के अवशेष, खून के धब्बे, या अन्य ठोस संकेत भी मिलते। फिलहाल निरीक्षण के दौरान ऐसे कोई प्रमाण सामने नहीं आए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बनाए रखने की अपील की है।
पहले भी मिल चुकी है बड़ी बिल्ली की मौजूदगी की सूचना
गौरतलब है कि बस्तर जिले में पूर्व में वन विभाग द्वारा बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की जा चुकी है। ऐसे में वार्ड क्रमांक 1 में मिले इन रहस्यमय पगमार्क ने लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। हालांकि, विभाग का कहना है कि हर बड़े पंजे का निशान बाघ का ही हो, यह आवश्यक नहीं है। कई बार अन्य जंगली जानवरों या प्राकृतिक कारणों से भी इस प्रकार के निशान बन सकते हैं। संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। आसपास के ग्रामीण और वन क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है, ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि या वन्यजीव की मौजूदगी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। फिलहाल इलाके में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि खेतों में दिखे ये पगमार्क आखिर किस जानवर के हैं। क्या यह किसी जंगली जानवर की आवाजाही का संकेत है या फिर किसी अन्य कारण से बने निशान? वन विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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