छत्तीसगढ़
रायपुर में मुरूम की रातों-रात लूट! ट्रकों-JCB के साथ खुलेआम हो रहा खनन
Shantanu Roy
3 Aug 2025 10:26 PM IST

x
छग
Raipur/Mandirhasaud. रायपुर/मंदिरहसौद। राजधानी से लगे मंदिरहसौद क्षेत्र में इन दिनों माफिया राज जैसा माहौल बन गया है। बीती रात क्षेत्र में 100 से अधिक हायवा ट्रक और करीब 30 से 40 जेसीबी व पोकलेन मशीनों की मौजूदगी में बड़े पैमाने पर मुरूम (मिट्टी) का अवैध उत्खनन किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें खनन की भयावहता और मशीनों की फौज साफ तौर पर देखी जा सकती है।
रात के अंधेरे में खुलेआम पहाड़ों की लूट
इस अवैध उत्खनन को रात के अंधेरे में अंजाम दिया गया, ताकि प्रशासन की नजरों से बचा जा सके। लेकिन माफिया की यह करतूत इतने बड़े स्तर पर की गई कि अब इसे छिपाना संभव नहीं रहा। भारी भरकम ट्रकों की कतारें, जेसीबी और पोकलेन मशीनों की आवाजें और मुरूम से भरे ट्रकों की आवाजाही – यह सब कुछ वीडियो में साफ तौर पर दिखता है। जानकारों का कहना है कि एक ही रात में सैकड़ों ट्रकों में हजारों घनमीटर मुरूम निकालकर बाजार में खपाया गया है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला पक्ष प्रशासन की चुप्पी है। आमतौर पर किसी निर्माण स्थल पर छोटा-सा नियम उल्लंघन होने पर माइनिंग विभाग, एनआरडीए, खाद्य विभाग या राजस्व अधिकारी ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हैं। लेकिन यहां जब बलराम साहू नामक व्यक्ति द्वारा सैकड़ों ट्रक, दर्जनों जेसीबी लगाकर खुलेआम अवैध खनन किया गया, तब कोई सरकारी अमला मौके पर नहीं पहुंचा। इससे यह संदेह और गहरा होता है कि इस खनन में प्रशासनिक मिलीभगत या राजनीतिक संरक्षण शामिल है। वरना इतने बड़े पैमाने पर मशीनरी, डीजल की आपूर्ति, ट्रकों की आवाजाही और मजदूरों की सक्रियता प्रशासन की आंखों से कैसे ओझल रह सकती थी?
पत्रकारों को धमकी, गवाहों में भय
घटना को कवर कर रहे स्थानीय पत्रकारों को भी धमकाया गया, ताकि वे यह खबर न दिखाएं। यह सीधे-सीधे माफिया की दादागिरी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। जब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तब आम नागरिकों और गवाहों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ ग्रामीणों ने कैमरे पर आने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन ऑफ द रिकॉर्ड उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई दिनों से माफिया सक्रिय हैं और प्रशासनिक अधिकारियों को नजराना पहुंचाया जाता है।
सरकारी राजस्व को तगड़ा नुकसान
इतनी भारी मात्रा में मुरूम निकाले जाने से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। माइनिंग शुल्क, परिवहन शुल्क, पर्यावरण मुआवजा, और अन्य टैक्स माफिया ने सीधे तौर पर हड़प लिए। इससे राज्य की विकास योजनाओं को झटका लग सकता है। इसके अलावा, पर्यावरणीय क्षति और जल संरक्षण के संकट का खतरा भी मंडरा रहा है, क्योंकि इस तरह के अवैध उत्खनन से जमीन की सतह कमजोर होती है, जिससे बारिश का पानी रिसने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह भी मांग की जा रही है कि खनिज विभाग, राजस्व विभाग, एनआरडीए और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर पूरे मामले की जांच की जाए और माफिया के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारियां की जाएं।
क्या प्रशासन देगा सिर्फ "जांच जारी है" का बयान?
यह सवाल अब जनता के मन में गूंज रहा है कि क्या यह मामला भी अन्य अवैध खनन मामलों की तरह “जांच जारी है” के बयान तक सीमित रह जाएगा? या फिर इस बार शासन सख्ती से कार्यवाही करते हुए बलराम साहू और उनके साथियों पर FIR दर्ज कर संपत्ति जब्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई करेगा? अगर प्रशासन इस मुद्दे को नजरअंदाज करता है, तो यह साफ संकेत होगा कि माफिया को सरकारी संरक्षण प्राप्त है और जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचारChhattisgarh news hindiChhattisgarh newsChhattisgarh latest newsChhattisgarh news updateChhattisgarh hindi news todayChhattisgarh hindinews hindi news ChhattisgarhChhattisgarh hindi newsChhattisgarh samacharजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





