छत्तीसगढ़
थाने की लापरवाही से हत्या, TI लाइन अटैच, ASI निलंबित, SSP ने दी सख्त चेतावनी
Shantanu Roy
9 Aug 2025 9:27 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में एक बार फिर पुलिस की लापरवाही ने एक निर्दोष की जान ले ली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने इस गंभीर मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए सहायक उपनिरीक्षक (ASI) गजेंद्र शर्मा को निलंबित कर रक्षित केंद्र अटैच कर दिया है। वहीं, थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक पांडेय को भी कर्तव्य में लापरवाही और अधीनस्थ स्टाफ पर नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच किया गया है। अब थाना सिटी कोतवाली की जिम्मेदारी निरीक्षक देवेश सिंह राठौर को सौंपी गई है।
रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं
मामला 5 अगस्त 2025 की रात का है। मृतक दीपक साहू स्वयं थाना सिटी कोतवाली पहुंचा और आरोपी गणेश रजक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। रात्रि अधिकारी के रूप में ड्यूटी पर मौजूद ASI गजेंद्र शर्मा ने शिकायत को दर्ज तो किया और मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट (MLC) भी कराया, लेकिन आरोपी के खिलाफ किसी तरह की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई नहीं की। इस लापरवाही का खामियाजा दीपक साहू को 8 अगस्त 2025 को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। उसी आरोपी गणेश रजक ने दीपक पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
SSP का सख्त रुख
घटना की जानकारी मिलने के बाद SSP रजनेश सिंह ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि ASI गजेंद्र शर्मा ने अपने पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरती और गंभीर अनुशासनहीनता का परिचय दिया। इसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र अटैच कर दिया गया। वहीं, थाना प्रभारी विवेक पांडेय को भी इस बात के लिए जिम्मेदार ठहराया गया कि उन्होंने अपने अधीनस्थ स्टाफ के कार्यों पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रखा, जिससे यह गंभीर परिणाम सामने आया। SSP ने उन्हें भी तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया।
संदेश साफ – लापरवाही बर्दाश्त नहीं
SSP रजनेश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी यदि अपने पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता दिखाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का पहला कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा है, और इसमें लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।
शहर में चर्चा का विषय
यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर समय रहते आरोपी पर कार्रवाई हो जाती, तो दीपक साहू की जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ निलंबन या लाइन अटैचमेंट ही काफी नहीं है, बल्कि लापरवाही के दोषियों पर कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
आगे की कार्यवाही
अब मामले में आरोपी गणेश रजक को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है। SSP ने निर्देश दिया है कि हत्या के इस प्रकरण में हर स्तर पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कोताही न बरती जाए। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस तंत्र में जवाबदेही और सतर्कता की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल बिलासपुर पुलिस महकमे में यह मामला एक बड़ी चेतावनी के रूप में लिया जा रहा है कि कर्तव्य में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।
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