नगर निगम के सफाई के दावे फेल, बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को रातभर अंधेरे में रहने के सजा दी

रावतपुर फेस-2 के रहवासी रात भर फेन लगाते रहे, बिजली विभाग गहरी नांद में आराम फरमा रहा
सरकार को बदनाम करने की साजिश को बिजली विभाग के अधिकारी
उपभोक्ताओ्ं की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं, एक रटा रटाया जवाब के अलावा
रायपुर। पूरी राजधानी को प्राकृतिक आपदा से बचाने की कवायद फेल हो गई है। सफाई औऱ बिजली संबंधी नगर निगम और बिजली विभाग के दावे खोखले साबित हुए। राजधानी रायपुर में के सबी 70 वार्डों में शनिवार को शाम 7 बजे आंधी तूफान के बारिश ने जमकर कहर बरपाया। निचली बस्तियों के साथ पाश कालोनियों में नालियों की सफाई नहीं होने के कारण नाली से एक गंदा फीट ऊपर पानी सड़कों से ऊपर बहकर घरों में घुस गया। जिसके कारण निचली बस्तियों के रहवासियों को शाम का खाना नसीब नहीहो सका। चूल्हे से लेकर अनाज और बिस्तर भी घर में घुसे पानी से सराबोर हो गया। नगर निगम ने बारिश से पहले नालियों का सफाई के जो दावे किए थे वे खोखले साबित हुए। राजधानी में चारों तरफ गंदगी ही गंदगी देखने को मिला। आंधी तूपान के साथ बारिश बिजली विभाग की भी पोल खेलकर रख दी है। बिजली विभाग के बड़े अधिकारी उपभोक्ताओं के शिकायत को टोल फ्री नंबर पर अटेंड नहीं कर टेप किए वाइस रिकार्ड सुनाते रहे। जल्द ही आपकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा. पर शाम से सुबह हो गई बिजली विभाग फाल्ट को दुरूस्त नहीं कर पाया। मठ पुरैना भाटागांव रावतपुर कालोनी का सबसे बुरा हाल रहा। सिमरन सिटी फीडर से सप्लाई होने के बाद भी भाठागांव बिजली विभाग के अधिकारी शाम 7 बजे से बंद बिजली को सुबह खबर लिके जाने तक दुरूस्त नहीं कर पाए। रायवचतपुर कालोनी फेस-1 और फेस -2 के रहवासी रात भर अंधेरे में रहे । बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी जबावदारी काम करने में रूचि नहीं दिखाई।
सरकार को बदनाम करने की साजिश
खबर है कि मुख्यमंत्री के विभाग होने के कारण कुछ असंतोषी अधिकारी सरकार के सुशासन कोे बदनाम करने की साजिश कर रहे है जानबूझ कर बिजली की समस्या को लटका कर सरकार को बदनाम करने में जुटे है। उनके काम को कुछ बड़े अधिकारी संरक्षण देकर सरकार बदनाम कर मुख्यमंत्री के गुप्त साजिश लगातार कर रहे है। बिजली विभाग के कामकाज में फायदे वाले जगह से बेदखल हुए अधिकारी अपने चहेते ठेकेदारों को उपकृत करने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना प्लेसमेंट और मेंटनेंस के ठेके पर काम देख रहे ठेकेदार अपने चहेते अधिकारी के नक्से कदम पर सरकार के बदनाम करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे है। शनिवार शाम को 7 बजे रावचपुर कालोनी फेस-1-2 में बिजली आंधी तूफान से बंद हुए तो लोगों ने फोन खड़खड़ा शुरू किया तो बिजली विभाग का एक ही जवाब था जल्द फाल्ट को ठीक किया जा रहा है चंद घंटों में बिजली सुचारू रूप से प्रवाहित हो जाएगी। लेकिन दुर्भाग्य रावचपुर फेस -2 के रहवासी शाम से दूसरे दिन रविवार खबर लिके जाने तक भीषण उमस गर्मी से जूझते रहे। रात भर बिजली बंद होने के काऱण पीने का पानी और निस्तारी पानी के लिए तरसते रहे। रात भर मच्छरों और रावतपुर कालोनी के रहवासियों का खून पीकर उत्सव मनाया । वैसे भी रावतपुरा कालोनी फेस-2 को नगर निगम केवल संपत्तिकर वसूलने के लिए सुध लेती और पार्षद तो साफ सफाई को लेकर भेदभाव साफ देका जा सकता है। नगर निगम का गठन हुए 2 साल होने के है एक दिन बी नाली की सफाई और न ही सड़कों की सफाई नहीं हुी है । फेस-2 में यदा कदा कचरे का ढेर या मुक्कड़ देखा जा सकता है जहां से आना जाना मुस्किल है. सड़ांध औऱ गंदगी की यही हालात रही है सबसे पहले रावतपुर फेस- 2 में हैजा होने की आशंका से इकार नहीं किया जा सकता.
केनाल रोड पर पेड़ गिरने से रास्ता ब्लॉक
छत्तीसगढ़ सहित रायपुर में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शनिवार रात रायपुर में ओले गिरे, गरज चमक के साथ खूब बारिश हुई। अचानक आई आंधी से केनाल रोड पर पेड़ गिरने से रास्ता ब्लॉक हो गया है।
नगर निगम, पीडब्ल्यूडी का कोई अमला अपनी मस्ती में
नगर निगम, पीडब्ल्यूडी का कोई अमला रात तक इसे हटाने नहीं पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता वन वे कर दिया है। कई इलाकों में होर्डिंग्स भी उड़ गए।वहीं, सड्डू जाने वाले रास्ते पर अंबुजा मॉल के पास पेड़ गिरा था, जिसे बाद में हटा लिया गया। इस दौरान कुछ समय के लिए ट्रैफिक प्रभावित रहा । मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल में बने सिस्टम के असर से मौसम चेंज हुआ है। अगले 4 दिनों तक ऐसा ही बने रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
जमकर बरसे बादल
इसके साथ ही कोरबा, धमतरी और कोंडागांव इलाके में भी अच्छे बादल बरसे हैं। कोरबा के कटघोरा में आई आंधी से एक बड़ा पेड़ टूटकर गिर गया।
सड़कों पर पानी भर गया
कोंडागांव के केशकाल में तेज बारिश के चलते कई सड़कों पर पानी भर गया, लोगों की दुकानों तक पानी घुस आया। धमतरी के रिसगांव में पेड़ गिरने से घर के पास खड़ा ट्रैक्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं खरीदी केंद्र परिसर में बना टिन शेड भी तेज हवा में उड़ गया।





