नगर निगम के राजस्व वसूली का मामला, RI के वेतन रोकने के निर्देश

रायगढ़। नगर निगम राजस्व वसूली नहीं कर पा रहा है। पहली तिमाही में सिर्फ 23.15 फीसदी टैक्स की वसूली हो पाई है। 25 फीसदी टैक्स की वसूली करने वाले सहायक राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम को जो संपत्ति कर, समेकित कर, जल कर, दुकानों का किराया और यूजर चार्ज मिलता है, उसमें से ही नगर निगम के कर्मचारियों को सैलरी दी जाती है।
साथ ही नगर निगम कामकाज और शहर के छोटे-बड़े विकासकार्य होते हैं, लेकिन मई के बाद रेवेन्यु कलेक्शन में सीधे कमी आ गई है। टैक्स वसूली नहीं होती है, तो सितंबर से वेतन देने के साथ जरूरी कामकाज के लिए सरकार से बजट उधारी मांगना पड़ जाएगा। शहर के छोटे-बड़े काम भी नहीं हो पाएंगे। लोग वित्तीय वर्ष के आखिरी में टैक्स भुगतान करते हैं।
निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर के किसी वार्ड में यदि कोई जरूरी काम होता है या इमरजेंसी काम कराना होता है तो उसके लिए नगर निगम राजस्व जो वसूली (निगम मद) होती है। उससे ही इस पर खर्च करती है, जिसमें करीब 4 लाख रुपए तक खर्च कर लेती है। लेकिन यह खर्च करने के लिए भी निगम मद में पैसा पर्याप्त नहीं है। उल्टे हर माह निगम को कर्मचारियों और कार्यालय चलाने के लिए 1 करोड़ 46 लाख रुपए का खर्च आता है।





