छत्तीसगढ़

अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई, तोरवा और दयालबंद में 5 दुकानें सील

Shantanu Roy
20 Dec 2025 11:14 PM IST
अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई, तोरवा और दयालबंद में 5 दुकानें सील
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Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए शनिवार को पाँच दुकानों को सील कर दिया। ये दुकानें तोरवा और दयालबंद क्षेत्रों में स्थित थीं। इनमें से दो मामलों में निर्माणकर्ता ने आवासीय निर्माण के लिए नक्शा पास कराया था, लेकिन मौके पर व्यावसायिक निर्माण पाया गया। बिल्डिंग ऑफिसर अनुपम तिवारी ने बताया कि तोरवा में पेट्रोल पंप के सामने शेख गुलाम ने 24x30 वर्ग फुट क्षेत्रफल में दो मंजिला दो दुकानें बिना अनुमति के बना ली थीं। इन दुकानों के लिए न तो निगम से नक्शा पास कराया गया था और न ही कोई औपचारिक अनुमति ली गई थी। फिलहाल इन दुकानों को सील कर दिया गया है और किसी भी समय तोड़ने की कार्रवाई की जा सकती है।
एक अन्य मामले में तोरवा में प्राची मोटवानी ने आवासीय निर्माण के लिए नक्शा पास कराया था। लेकिन मौके पर 25x35 वर्ग फुट क्षेत्रफल की दो मंजिला दो दुकानें निर्मित पाई गईं। इन दुकानों में शटर लगे हुए थे, जिसके बाद इन्हें भी नगर निगम ने सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माणों के नियमितीकरण के लिए जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया था। इसमें प्राची मोटवानी के आवेदन पर स्पष्ट कर दिया गया था कि अनुमति के विरुद्ध किया गया निर्माण राजीनामा योग्य नहीं है और ऐसे निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
भवन शाखा के सब इंजीनियर जुगल सिंह ने बताया कि दयालबंद क्षेत्र में विजय पटेल ने आवासीय निर्माण के लिए नक्शा पास कराया था, लेकिन उन्होंने शटर लगाकर वहां व्यावसायिक दुकान बना ली। इस मामले में भी दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माण और आवासीय नक्शे के खिलाफ व्यावसायिक निर्माण को नगर निगम किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे मामलों में न केवल दुकानों को सील किया जाएगा, बल्कि बिना अनुमति निर्मित निर्माण को तोड़ा भी जा सकता है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम लगातार नगर में अवैध निर्माण की निगरानी कर रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अवैध निर्माण की जानकारी नगर निगम को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। नगर निगम ने यह निर्णय लिया है कि अवैध निर्माणों के नियमितीकरण के लिए कोई भी आवेदन केवल नियमों और शर्तों के अनुरूप स्वीकार किए जाएंगे। यदि किसी ने अनुमति के विरोध में निर्माण किया है तो राजीनामा या माफी की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि बिलासपुर नगर निगम कानून और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में सुसंगत शहरी नियोजन और व्यवस्थित विकास के लिए ऐसे कड़े कदम आवश्यक हैं। नगर निगम की यह कार्रवाई शहर के अन्य निर्माणकर्ताओं और व्यवसायियों के लिए सावधानी और चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि शहर में व्यवसायिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच उचित नियमों का पालन हो और नागरिकों के हितों की रक्षा की जा सके।
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