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Raipur. रायपुर। माँ कौशल्या की जन्मभूमि चंद्रखुरी में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पारंपरिक स्वरूपानुकूल भव्य मूर्ति स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस विषय पर निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को विस्तृत पत्र लिखकर अगले तीन महीनों के भीतर नई राम मूर्ति स्थापना सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सांसद ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा बताते हुए अत्यंत संवेदनशील और तात्कालिक कार्रवाई योग्य विषय करार दिया है।
सांसद अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लगाई गई मूर्ति का स्वरूप प्रभु श्रीराम की पारंपरिक और गरिमानुकूल छवि से मेल नहीं खाता था, जिसके कारण बड़े पैमाने पर जन-असंतोष और विरोध सामने आया था। उन्होंने इस मामले को कई बार सार्वजनिक मंचों पर उठाया, साथ ही विधानसभा में भी पुरजोर आवाज उठाते हुए नई मूर्ति की स्थापना के लिए लगातार दबाव बनाया। सांसद ने पत्र में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद भी लगभग दो वर्षों में मूर्ति परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। उनके अनुसार ग्वालियर में छत्तीसगढ़ के लिए तैयार की गई नई मूर्ति विभागीय उदासीनता के कारण किसी अन्य राज्य में स्थापित किए जाने की स्थिति में पहुँच गई है।
जो कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक भावनाओं का सरासर अनादर है। उन्होंने कहा कि चंद्रखुरी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक पहचान का केंद्र है। यहाँ स्थापित होने वाली मूर्ति न केवल कलात्मक और भव्य होनी चाहिए, बल्कि प्रभु श्रीराम के चरित्र, मर्यादा और परंपरा के अनुरूप भी होनी चाहिए। सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि तत्काल प्रभाव से मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जाए। सांसद अग्रवाल ने यह भी सुझाव दिया कि माँ कौशल्या की जन्मभूमि चंद्रखुरी के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर, तीर्थ विकास, सांस्कृतिक सुविधाएं, पर्यटन अवसंरचना और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक व्यवस्थाएँ विकसित कर चंद्रखुरी को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक धरोहर के रूप में स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछली सरकार की उपेक्षा और वर्तमान देरी ने जनता में असंतोष को जन्म दिया है, पर अब समय आ गया है कि राज्य सरकार सकारात्मक निर्णय ले और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए चंद्रखुरी में नई, भव्य और पारंपरिक स्वरूप की राम मूर्ति स्थापित करे। प्रदेश की जनता और राम भक्तों को उम्मीद है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल की इस पहल पर राज्य सरकार शीघ्र कार्रवाई करेगी और माँ कौशल्या की पावन नगरी में प्रभु श्रीराम की गरिमा अनुरूप भव्य मूर्ति के दर्शन की प्रतीक्षा समाप्त होगी।
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