छत्तीसगढ़

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मल्लेश्वर नाथ मंदिर में भाग लिया हल्दी उत्सव और सुंदरकाण्ड पाठ

Shantanu Roy
14 Feb 2026 11:09 PM IST
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मल्लेश्वर नाथ मंदिर में भाग लिया हल्दी उत्सव और सुंदरकाण्ड पाठ
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के मलसाय तालाब स्थित मल्लेश्वर नाथ मंदिर में आज भव्य हल्दी उत्सव और सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से शामिल होकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया और महाप्रसाद ग्रहण किया। मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। हल्दी उत्सव का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक विधियों के साथ किया गया। यह आयोजन भक्तों में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने का भी माध्यम बना।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भक्ति के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस अवसर पर मंदिर समिति और स्थानीय भक्तों ने कार्यक्रम को भव्य बनाने में सहयोग किया। सुंदरकाण्ड पाठ के दौरान उपस्थित भक्तों ने भगवान मल्लेश्वर नाथ की स्तुति करते हुए भक्ति भाव से पाठ किया। पाठ के बाद महाप्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद लिया। स्थानीय मीडिया और नागरिकों ने इस अवसर को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी और धार्मिक भावनाओं के साथ जोड़ा। हल्दी उत्सव और सुंदरकाण्ड पाठ ने पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना दिया।

कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने मिलकर सुनिश्चित किया कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से कार्यक्रम में भाग ले सकें। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेकर समाज में आपसी भाईचारा, सामूहिक सहयोग और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने प्रभु मल्लेश्वर नाथ से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली की निरंतर कामना की। भक्तों ने भी इस अवसर पर सांसद के उपस्थित होने को सम्मान और आशीर्वाद का प्रतीक माना। हल्दी उत्सव और सुंदरकाण्ड पाठ का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी लोगों को जोड़ने वाला कार्यक्रम साबित हुआ।
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