छत्तीसगढ़

सिलतरा हादसे पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताया शोक

Shantanu Roy
26 Sept 2025 7:36 PM IST
सिलतरा हादसे पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताया शोक
x
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा में शुक्रवार शाम बड़ा हादसा हो गया। एक निर्माणाधीन प्लांट में सिल्ली (कंक्रीट संरचना) गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच तुरंत पुलिस और प्रशासनिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताया गहरा शोक
हादसे की खबर सामने आने के बाद रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा— “इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही घायल मजदूर शीघ्र स्वस्थ हों, यही प्रार्थना है।” सांसद ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार घायलों का समुचित उपचार और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद प्रदान करेगी।


हादसे की पूरी कहानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब पिलेट्स बनाने वाली यूनिट में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। अचानक सिल्ली भरभराकर गिर गई और नीचे काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। उस वक्त दर्जनभर से अधिक मजदूर काम पर मौजूद थे। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पलक झपकते ही मजदूर मलबे में दब गए और इलाके में चीख-पुकार मच गई।

मौत और घायल
सूत्रों के मुताबिक, छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, आधा दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल देवेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए श्री नारायणा अस्पताल लाया गया। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जेसीबी और क्रेन जैसी भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाया गया। कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करते रहे। घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था और मजदूर अपने साथियों को बचाने के लिए जुटे हुए थे।

सुरक्षा लापरवाही के आरोप
स्थानीय मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्लांट में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। मजदूरों ने पहले भी सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन बिल्डर और ठेकेदार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मजदूरों का कहना है कि पर्याप्त सेफ्टी गार्ड और उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे। इसी लापरवाही ने आज छह परिवारों से उनके प्रियजन छीन लिए। सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों और उनके परिवारों में इस हादसे के बाद भय का माहौल है। मजदूरों का कहना है कि रोजी-रोटी कमाने के लिए काम पर जाना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। इस घटना के बाद मजदूर संगठनों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रशासनिक कदम और जांच
पुलिस और प्रशासन ने मामले में जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की वजह जानने की कोशिश की। शुरुआती जानकारी में निर्माण कार्य में लापरवाही और मानकों की अनदेखी की बात सामने आ रही है। प्रशासन ने बिल्डर और ठेकेदार पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इस हादसे ने कई मजदूर परिवारों को बेसहारा कर दिया है। रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों की मौत से उनके बच्चों और परिजनों का भविष्य अधर में लटक गया है। स्थानीय लोगों और संगठनों ने सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों के इलाज की मुफ्त व्यवस्था की मांग की है।
Next Story