छत्तीसगढ़
8 परिवारों के 2 दर्जन से अधिक लोग पीलिया-टाइफाइड से बीमार
Shantanu Roy
9 Aug 2026 3:53 PM IST

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दूषित पानी की आशंका
Dhamtari. धमतरी। बारिश के मौसम के बीच धमतरी शहर के अलग-अलग वार्डों में पीलिया और टायफायड के मामले सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, करीब 8 परिवारों के 2 दर्जन से अधिक लोग इन बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। कई प्रभावित लोगों का इलाज निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में कराया जा रहा है। एक ही क्षेत्र में लगातार बीमारी के मामले सामने आने से स्थानीय लोगों में संक्रमण को लेकर भी आशंका बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से धमतरी के विभिन्न वार्डों में पीलिया और टायफायड से पीड़ित मरीज सामने आ रहे हैं। प्रभावित परिवारों के लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में कराया जा रहा है। लगातार नए मरीज सामने आने के कारण लोगों को आशंका है कि कहीं किसी एक स्रोत से बीमारी फैल तो नहीं रही है। हालांकि, अभी तक बीमारी के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पीलिया और टायफायड दोनों ही ऐसी बीमारियां हैं, जिनका संबंध दूषित पानी और खराब स्वच्छता व्यवस्था से हो सकता है। बारिश के दौरान जलभराव, पाइपलाइन में लीकेज, दूषित जलस्रोत और साफ-सफाई की कमी जैसी परिस्थितियां लोगों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकती हैं। ऐसे में धमतरी के प्रभावित वार्डों में भी पेयजल की गुणवत्ता और पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वार्डों में लगातार लोगों के बीमार होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अभी तक स्थिति को लेकर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। लोगों का आरोप है कि कई परिवार बीमारी से प्रभावित हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से व्यापक जांच या स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम भेजे जाने की जानकारी नहीं मिली है। इससे प्रभावित इलाकों के लोगों में चिंता और बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रभावित वार्डों में भेजकर मरीजों की जांच की जाए। इसके साथ ही पेयजल के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं दूषित पानी की वजह से तो बीमारी के मामले नहीं बढ़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पानी या पाइपलाइन में किसी तरह की समस्या है तो उसे तत्काल दूर किया जाना चाहिए।
बारिश के मौसम को देखते हुए साफ-सफाई और पेयजल की निगरानी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। यदि किसी इलाके में एक साथ कई लोग एक जैसी बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं तो उसके कारणों की पहचान करना जरूरी हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सामने आए मामलों के पीछे दूषित पानी, स्वच्छता व्यवस्था या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है। इस बीच धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने भी मामले को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बारिश के मौसम को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। महापौर ने कहा कि जनता पानी को उबालकर ही पिए। उनका कहना है कि बारिश के दौरान पानी की स्वच्छता को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है और लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
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