छत्तीसगढ़

विधायक बालेश्वर साहू को मिली जमानत, 50 हजार के मुचलके पर हुई रिहाई

Shantanu Roy
14 Jan 2026 7:46 PM IST
विधायक बालेश्वर साहू को मिली जमानत, 50 हजार के मुचलके पर हुई रिहाई
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छग
Raipur. रायपुर। जांजगीर जिले से एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आई है। जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को बैंक लोन फर्जीवाड़ा मामले में सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। विधायक को यह राहत चौथे दिन मिली है। सत्र न्यायालय ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत मंजूर की है। जमानतदार पेश होते ही उन्हें जांजगीर जिला जेल खोखरा से शाम तक रिहा किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विधायक बालेश्वर साहू को 10 जनवरी को पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा था। इससे पहले सीजेएम न्यायालय ने गंभीर आरोपों को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी और 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। इसके बाद से वे जिला जेल में बंद थे। विधायक की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी।

जेल जाने के तुरंत बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत तथा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद जांजगीर जिला जेल पहुंचे थे और विधायक से मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले को राजनीतिक द्वेषपूर्ण कार्रवाई करार दिया था और कहा था कि सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। वहीं सत्तापक्ष की ओर से इसे कानून की सामान्य प्रक्रिया बताया गया। पूरा मामला चांपा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि बालेश्वर साहू ने बम्हनीडीह कोऑपरेटिव सोसायटी के प्रबंधक रहते हुए बड़े स्तर पर बैंक लोन फर्जीवाड़ा किया। शिकायत के अनुसार किसान राजकुमार शर्मा, उसकी पत्नी और उसकी मां के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन स्वीकृत कराया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर करीब 42 से 43 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई।

उसे विधायक बालेश्वर साहू तथा उनकी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए, जिन्हें दो संदूकों में भरकर न्यायालय में पेश किया गया। हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक के चलते पुलिस ने बिना गिरफ्तारी के विवेचना पूरी की थी, लेकिन जैसे ही चालान पेश हुआ, सीजेएम न्यायालय ने गंभीर धाराओं को देखते हुए विधायक को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया। अब सत्र न्यायालय से जमानत मिलने के बाद विधायक की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। जमानत के बाद एक बार फिर इस प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाने के आसार हैं और आने वाले दिनों में इसे लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
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