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Raipur. रायपुर। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। मंत्री चौधरी ने कहा कि भारत को बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थिति में ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी और सीजेपी की भी आलोचना की।
विदेशी ताकतों के इशारे पर अराजकता फैलाने का आरोप
मंत्री ओपी चौधरी ने दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि सीजेपी, आम आदमी पार्टी और राहुल गांधी को विदेशी हथकंडों की कठपुतली बनने से बचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की जनता सभी परिस्थितियों को अच्छी तरह समझती है। मंत्री ने प्रदर्शन को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल उठाए।
एसआईआर को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मंत्री चौधरी ने कहा कि इस प्रक्रिया में गलत नामों को ही मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पात्र मतदाताओं को अपना नाम जुड़वाने के लिए बार-बार अवसर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। कांग्रेस के शासनकाल में भी मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया गया था। उनके मुताबिक, मृत व्यक्तियों और अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना जरूरी है।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर लगाए आरोप
मंत्री चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने को लेकर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहता है। मंत्री ने कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को मतदान करने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
दिल्ली में जारी है चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों तथा छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। वहीं, चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
दिल्ली में 12 अक्टूबर को भी विपक्षी दलों ने बड़े प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।
बांग्लादेश और नेपाल का दिया उदाहरण
ओपी चौधरी ने दिल्ली के प्रदर्शनों की तुलना बांग्लादेश और नेपाल में हुए राजनीतिक आंदोलनों से की। उन्होंने कहा कि भारत में भी वैसी परिस्थितियां पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। यह मंत्री का राजनीतिक आरोप है, न कि प्रदर्शनकारियों की मंशा का स्थापित तथ्य।
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