छत्तीसगढ़

सूरजपुर में पुलिस पर भड़की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, अधिकारियों को लगाई फटकार

Shantanu Roy
20 Oct 2026 6:31 PM IST
सूरजपुर में पुलिस पर भड़की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, अधिकारियों को लगाई फटकार
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Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद हुए चक्काजाम और आगजनी के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने और निर्दोष ग्रामीणों को कथित तौर पर फर्जी मामलों में फंसाने का आरोप लगाया है। मंत्री ने सवाल उठाया कि हादसे के जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जबकि आगजनी के मामले में छह ग्रामीणों को जेल भेज दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को बिना ठोस सबूत किसी ग्रामीण को जेल नहीं भेजने और हिरासत में मारपीट नहीं करने के निर्देश दिए।

मृतका के घर पहुंचीं मंत्री, परिजनों को बंधाया ढांढस
जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुबेरपुर में 17 अक्टूबर को सड़क हादसे में चंद्रावती जायसवाल की मौत हो गई थी। घटना के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मृतका के घर पहुंचीं और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने हादसे के बाद ग्रामीणों पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

पुलिस अधिकारियों को जमकर लगाई फटकार
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों से पूछा कि जब सड़क हादसा दोपहर करीब 12 बजे हुआ और आगजनी शाम 6 बजे हुई, तो इस दौरान पुलिस और प्रशासन क्या कर रहे थे? उन्होंने कहा कि तीन दिन के भीतर छह ग्रामीणों को जेल भेज दिया गया, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया जा सका कि संबंधित क्रशर वैध तरीके से संचालित हो रहा था या नहीं। मंत्री ने कहा कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और केवल ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है।

ट्रैक्टर चालक पर कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
मंत्री ने हादसे के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ग्रामीणों पर एकतरफा कार्रवाई कर रही है। मंत्री ने सवाल किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है? उन्होंने यह भी कहा कि घटना के दौरान कांग्रेस के एक नेता के हाथ में लाठी लेकर दौड़ने की बात सामने आई थी। ऐसे में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिसकर्मी से बातचीत के दौरान तीखी टिप्पणी
मंत्री की नाराजगी उस समय और बढ़ गई, जब एक पुलिसकर्मी ने बताया कि उपद्रव के बाद कुछ आरोपियों को जेल भेजने से मामला शांत हुआ। इस जवाब पर मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वह यहां लोगों को छोड़ दें, तो वे पुलिसकर्मियों की पिटाई कर देंगे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिना पर्याप्त साक्ष्य किसी ग्रामीण को जेल नहीं भेजा जाए। साथ ही हिरासत में लिए गए लोगों के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं होनी चाहिए।

ट्रैक्टर की टक्कर से महिला की हुई थी मौत
पूरा मामला 17 अक्टूबर का है। चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुबेरपुर में गिट्टी से लदे ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार महिला चंद्रावती जायसवाल को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया। हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। महिला की मौत से आक्रोशित लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

चार घंटे चक्काजाम, ट्रैक्टर और क्रशर में आगजनी
आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतका के परिवार को उचित मुआवजा देने और बस्ती से क्रशर हटाने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई और कुछ लोगों ने ट्रैक्टर तथा पाठक क्रशर में आग लगा दी। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को भी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान बिहारपुर तहसीलदार करमचंद जाटवर, एसडीओपी और थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को बंधक बनाए जाने की घटना भी सामने आई। काफी समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रित हुई और प्रदर्शन समाप्त कराया गया।

निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई के निर्देश
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों से कहा कि हादसे के मूल कारणों की जांच करना भी आवश्यक है। उन्होंने क्रशर की वैधता, ट्रैक्टर चालक की भूमिका और ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया। मंत्री की नाराजगी के बाद मामले में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि जांच में किन तथ्यों का खुलासा होता है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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