छत्तीसगढ़

छात्राओं और महिलाओं को दिया गया महिला सशक्तिकरण का संदेश

Shantanu Roy
31 July 2026 3:16 PM IST
छात्राओं और महिलाओं को दिया गया महिला सशक्तिकरण का संदेश
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छग
Mahasamund. महासमुंद। देशभर में मिशन माउंट एवरेस्ट एवं रूरल गर्ल्स एम्पावरमेंट एंड सोलो साइकिलिंग कैंपेन अक्रॉस इंडिया के तहत सोलो साइकिल यात्रा कर रही भारतीय पर्वतारोही एवं प्रेरक वक्ता समीरा खान इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। ओडिशा के बरगढ़ से अपनी साइकिल यात्रा प्रारंभ कर सरायपाली होते हुए वे मंगलवार रात लगभग 10 बजे महासमुंद पहुंचीं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उनके ठहरने की व्यवस्था नया सर्किट हाउस में की गई तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।

बुधवार को समीरा खान ने महर्षि विद्या मंदिर मचेवा, आशीबाई गोलछा उमा कन्या शाला, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, गुड शेफर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों का भ्रमण कर छात्राओं एवं महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि वे आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले की निवासी हैं। बचपन में माता-पिता को खो देने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने साहस, आत्मविश्वास तथा दृढ़ संकल्प के बल पर पर्वतारोहण और सोलो साइकिलिंग के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने नेपाल की विश्व प्रसिद्ध एवं चुनौतीपूर्ण अमा डबलम पर्वत चोटी पर सफलतापूर्वक आरोहण किया है तथा भविष्य में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने का लक्ष्य रखा है।

समीरा खान ने बताया कि सोलो साइकिलिंग उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब तक वे लगभग 9 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर चुकी हैं तथा 37 देशों के साथ भारत के अनेक राज्यों का भ्रमण कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी अधिकांश यात्राएं स्व-वित्तपोषित हैं और वे उद्यमी के रूप में कार्य कर अपने अभियानों का खर्च स्वयं वहन करती हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि प्रत्येक लड़की को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का पूरा अधिकार है। आत्मविश्वास, शिक्षा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा जीवन की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक बेटी को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अनुकूल वातावरण मिले। जिले में उनके विभिन्न विद्यालयों के भ्रमण के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा उनके अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त की।
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