छत्तीसगढ़

PHC सेमरदर्री के पास सड़क किनारे मिली दवाइयां, मेडिकल वेस्ट फेंकने से मचा हड़कंप

Shantanu Roy
9 Aug 2026 11:27 PM IST
PHC सेमरदर्री के पास सड़क किनारे मिली दवाइयां, मेडिकल वेस्ट फेंकने से मचा हड़कंप
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Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के मरवाही विकासखंड में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरदर्री के पास सड़क किनारे कचरे के ढेर में बड़ी मात्रा में दवाइयां और सिरप की सामग्री पड़ी मिली है। स्थानीय लोगों ने इन दवाइयों की कीमत लाखों रुपये होने का अनुमान लगाया है। हालांकि, दवाइयों की वास्तविक कीमत कितनी है, इन्हें किसने और किन परिस्थितियों में यहां फेंका, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट या निस्तारित किया जाना चाहिए, लेकिन सड़क किनारे खुले में दवाइयां और मेडिकल सामग्री फेंके जाने से गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा हो गई है। लोगों का कहना है कि यह केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ है। सबसे चिंता की बात यह है कि जिस स्थान पर दवाइयां और मेडिकल वेस्ट मिला है, उसके आसपास ही हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल स्थित हैं। इन विद्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क किनारे खुले में पड़ी दवाइयां और अन्य मेडिकल कचरा बच्चों के लिए भी खतरा बन सकता है। छोटे बच्चे या अन्य लोग जानकारी के अभाव में इन दवाइयों को छू सकते हैं या उनके संपर्क में आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कचरे के ढेर में कई तरह की दवाइयां और सिरप से जुड़ी सामग्री दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने इनकी कीमत लाखों रुपये होने की आशंका जताई है। हालांकि, केवल मौके पर पड़ी सामग्री के आधार पर इसकी वास्तविक कीमत का अनुमान लगाना संभव नहीं है। दवाइयों की मात्रा, बैच, उपयोगिता, एक्सपायरी और सरकारी आपूर्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी दवाइयां यहां फेंकी गई थीं और उनकी कीमत कितनी थी। मेडिकल वेस्ट के खुले में पड़े होने से पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट का निपटारा निर्धारित नियमों के तहत किया जाना जरूरी होता है। ऐसे कचरे को सामान्य घरेलू या सड़क किनारे के कचरे के साथ खुले में नहीं फेंका जाना चाहिए। यदि मेडिकल वेस्ट का उचित तरीके से निस्तारण नहीं किया जाता है तो इससे आसपास की मिट्टी, पानी और वातावरण प्रभावित होने की आशंका रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे पड़े मेडिकल कचरे के कारण आवारा पशु भी उसके संपर्क में आ सकते हैं। इसके अलावा बारिश के मौसम में दवाइयों और अन्य अपशिष्ट के संपर्क में आया पानी आसपास फैल सकता है। इससे पर्यावरणीय जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर मेडिकल वेस्ट को सुरक्षित तरीके से हटाए और पूरे मामले की जांच करे। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र सेमरदर्री
आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है। दूरदराज के ग्रामीण इलाज के लिए इसी तरह के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना जरूरी है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कराने और वहां कार्यरत चिकित्सकों तथा कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच करने की मांग की है।
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