छत्तीसगढ़

मठ जमीन घोटाला, जांच शुरू

Nilmani Pal
11 May 2026 5:55 PM IST
मठ जमीन घोटाला, जांच शुरू
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रायपुर। पुरानी बस्ती स्थित ठाकुर रामचंद स्वामी जैतुसाव मठ की करोड़ों रुपये की जमीन कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बेचने के मामले की जांच शुरू हो गई है। इस सिलसिले में रायपुर कमिश्नर ने जांच कमेटी गठित की है, जो जमीन बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

जैतुसाव मठ की जमीन बिक्री को लेकर की गई शिकायतों पर कार्रवाई शुरू हुई है। अभनपुर विधायक इन्द्रकुमार साहू ने भी यह मामला विधानसभा में उठाया था। बताया गया है कि मठ की रायपुर के सेजबहार, धरमपुरा, देवपुरी, गुजरा, भरेंगाभाठा और भटगांव क्षेत्रों में जमीनें हैं। इनमें से ग्राम सेजबहार और देवपुरी की कुछ जमीन शासन द्वारा अधिग्रहित कर बाद में हाउसिंग बोर्ड को हस्तांतरित की गई थी। जानकारी के अनुसार, महंत राम आशीष दास ने मठ की लगभग 60 एकड़ जमीन की बिक्री को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन रायपुर कमिश्नर महादेव कांवरे ने मामले की जांच के लिए उपायुक्त (विकास) की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी, जिसमें तहसीलदार और लेखापाल को भी शामिल किया गया है। हालांकि कांवरे का तबादला हो चुका है और जांच प्रक्रिया जारी है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महेन्द्र अग्रवाल, शंकर सोनी और अन्य लोगों ने मठ की जमीन अलग-अलग टुकड़ों में खरीदी है। आरोप है कि इन सौदों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। बताया जा रहा है कि कुल सात अलग-अलग हिस्सों में मठ की जमीन बिना अनुमति के बेची गई। इस पूरे मामले पर महादेव कांवरे ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि शिकायतों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी, लेकिन अभी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

दूसरी ओर, जांच कमेटी ने जमीन की खरीदी-बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज तलब कर लिए हैं और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जानकारी यह भी सामने आई है कि अधिग्रहित छह खसरों में से पांच खसरों की जमीन का 86 लाख 88 हजार रुपये मुआवजा भुगतान किया गया था। इस राशि में कथित अफरा-तफरी की शिकायत भी हुई है, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।


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