छत्तीसगढ़

33 टन स्टील स्क्रैप गायब करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Shantanu Roy
2 Nov 2026 7:35 PM IST
33 टन स्टील स्क्रैप गायब करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार
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छग
Kawardha. कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में करीब चार साल पुराने स्टील स्क्रैप की हेराफेरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चिल्फी थाना क्षेत्र में 33.290 मीट्रिक टन स्टील स्क्रैप से भरे ट्रक को दुर्घटनाग्रस्त दिखाकर माल गायब करने के मामले में मुख्य आरोपी रमाकांत उर्फ मोनू पाण्डेय (35) को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2022 में हुई घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर स्टील स्क्रैप की हेराफेरी की
साजिश
रची थी। इसके तहत ट्रक को चिल्फी घाटी में पलटाकर दुर्घटना का रूप दिया गया और उसमें लोड अधिकांश माल गायब कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 30 अगस्त 2022 का है। हरियाणा के रोहतक से 33.290 मीट्रिक टन स्टील स्क्रैप ट्रक क्रमांक RJ 05 GB 5730 में लोड कर टाटा स्टील के कलिंग नगर स्थित प्लांट, ओडिशा भेजा गया था। माल को निर्धारित समय पर कंपनी तक पहुंचाया जाना था। इसके लिए कंपनी ने वाहन किराए के रूप में 94 हजार रुपये वाहन मालिक के बैंक खाते में जमा भी कर दिए थे। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी ट्रक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा।

चिल्फी घाटी में लावारिस हालत में मिला था ट्रक
जब स्टील स्क्रैप से भरा ट्रक टाटा स्टील के प्लांट तक नहीं पहुंचा तो कंपनी ने वाहन और उसमें लोड माल की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान ट्रक चिल्फी घाटी में दुर्घटनाग्रस्त हालत में लावारिस मिला। पहली नजर में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन ट्रक में रखे माल की जांच करने पर बड़ा खुलासा हुआ। ट्रक में कुल 33.290 मीट्रिक टन स्टील स्क्रैप लोड किया गया था, लेकिन जांच के दौरान उसमें से केवल करीब 8 टन माल ही बचा मिला। बाकी स्क्रैप गायब था। इतनी बड़ी मात्रा में माल गायब होने से संदेह गहराया और पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।

दुर्घटना की आड़ में स्क्रैप गायब करने की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे कथित रूप से सुनियोजित साजिश थी। आरोपियों ने माल की हेराफेरी करने के उद्देश्य से ट्रक को चिल्फी घाटी में पलटाया था, ताकि घटना को सामान्य सड़क हादसे के रूप में दिखाया जा सके। जांच के दौरान हिमांशु राजपूत, धर्मेंद्र कुमार और पवन राजपूत की भूमिका सामने आई थी। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद जांच में रमाकांत उर्फ मोनू पाण्डेय का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया। पुलिस के अनुसार, रमाकांत ने अपने साथियों के साथ मिलकर स्टील स्क्रैप गायब करने की योजना तैयार की थी। हालांकि, घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

चार साल से फरार आरोपी को गाजियाबाद से दबोचा
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चिल्फी पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से आरोपी के संभावित ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई। तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी के गाजियाबाद में छिपे होने का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र स्थित वृंदावन गार्डन में दबिश दी। यहां से रमाकांत उर्फ मोनू पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। अब उससे मिली जानकारी के आधार पर गायब माल की बरामदगी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

24.80 टन स्टील स्क्रैप की बरामदगी अब भी बाकी
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल गायब हुए स्टील स्क्रैप की बरामदगी को लेकर है। पुलिस जांच में अब तक करीब 8.49 मीट्रिक टन स्क्रैप ही उपलब्ध मिला है, जबकि लगभग 24.80 मीट्रिक टन स्क्रैप की बरामदगी अभी बाकी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्टील स्क्रैप को कहां ले जाया गया, किसे बेचा गया और इस हेराफेरी में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पूरा माल बरामद नहीं हो सका है। ऐसे में पुलिस की जांच अब स्क्रैप की बिक्री, उसके संभावित खरीदारों और माल की आवाजाही से जुड़े लोगों पर केंद्रित है।

ट्रांजिट रिमांड पर कबीरधाम लाया गया आरोपी
गाजियाबाद से गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने स्थानीय न्यायालय से आरोपी का दो दिन का ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया। इसके बाद उसे कबीरधाम लाया गया, जहां मामले के संबंध में उसका बयान दर्ज किया गया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस गायब स्टील स्क्रैप की बरामदगी और मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। करीब चार साल पुराने इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब शेष माल की बरामदगी पर पुलिस का विशेष ध्यान है।
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