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Kondagaon. कोंडागांव। जिले के मसोरा जलाशय ने इन दिनों प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनना शुरू कर दिया है। यहां बड़ी संख्या में लेसर व्हिस्लिंग डक (Lesser Whistling Duck) देखी जा रही हैं, जिन्हें स्थानीय लोग ‘सिटी बजाने वाली बत्तख’ या ‘छोटी सिल्ही’ के नाम से जानते हैं। भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाने वाली यह छोटी भूरे रंग की बत्तख जलाशय की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग NH-30 से मात्र 900 मीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मसोरा के जामकोट जलाशय को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। ग्राम पंचायत मसोरा को होम स्टे नीति के तहत चयनित किया गया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार संभव हो सके।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोंडागांव विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के संयुक्त प्रयासों से जलाशय क्षेत्र में ‘वन भोज’ कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। इस पहल में जिला प्रशासन, स्थानीय ग्रामीण, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और वन, खनिज एवं प्रबंधन समिति सहयोग कर रहे हैं। कार्यक्रम के तहत जलाशय के आसपास पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जलाशय पर आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ-साथ स्थानीय स्वादिष्ट भोजन का अनुभव भी कर सकेंगे। इसके अलावा, जलाशय में नाव विहार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे परिवार और मित्रों के साथ आराम और मनोरंजन के पल बिताए जा सकेंगे। यह पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहायक होगी।
जिला प्रशासन ने बताया कि जलाशय में पर्यावरण और पक्षियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा और साफ-सफाई के उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे। वन, खनिज और प्रबंधन समिति जलाशय की पारिस्थितिकी और पक्षियों की प्रजातियों की निगरानी करेगी। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने कहा कि मसोरा जलाशय न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है, बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण का सम्मान करें और जलाशय की प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने में सहयोग करें। स्थानीय लोगों ने कहा कि जलाशय में बड़ी संख्या में छोटे सिल्ही बत्तखों के आगमन से क्षेत्र का सौंदर्य और बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय लोगों को पर्यटन क्षेत्र में भागीदारी का अवसर मिलेगा। इस तरह, मसोरा जलाशय प्राकृतिक सुंदरता, पक्षियों का अद्भुत दृश्य और स्थानीय संस्कृति का अनुभव प्रदान करते हुए कोंडागांव जिले में नए पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। आने वाले समय में यह स्थल न केवल प्रकृति प्रेमियों बल्कि आम परिवारों और युवाओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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