आदमखोर बाघ ने दो मवेशियों को बनाया निवाला, दहशत में गांव वाले

मोहला-मानपुर। सीमा पार महाराष्ट्र समेत छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिला अंतर्गत सीमावर्ती औंधी तहसील क्षेत्र में आदमखोर बाघ की वजह से ग्रामीण खौफ के साए में जी रहे हैं. बाघ जहां सीमा पार महाराष्ट्र में एक इंसान को अपना निवाला बना चुका है, वहीं छत्तीसगढ़ में दो मवेशियों का भी शिकार कर चुका है. बाघ के सिलसिलेवार तरीके से घटना को अंजाम दिए जाने के बाद क्षेत्रीय वन महकमे ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है.
घटना मोहला-मानपुर जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती दक्षिण वन परिक्षेत्र मानपुर तथा महाराष्ट्र के मुरूमगांव वन क्षेत्र की है. दक्षिण वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय राजपूत ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 12 फरवरी को औंधी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गहनगट्टा में बाघ ने एक पालतू मवेशी पर हमला कर उसे अपना ग्रास बनाया.
इसके बाद 24 फरवरी को औंधी से महाराष्ट्र के मुरूमगांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग में छत्तीसगढ़ के अंतिम ग्राम आलकंहार से चंद फासले पर ही मौजूद महाराष्ट्र के ग्राम कहेकवाही और उमरपाल के बीच ग्रामीण राहगीर बुधु सिंह उसेंडी पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया, यही नहीं उसके शरीर के हिस्सों को बाघ ने अपना निवाला बनाया.





