छत्तीसगढ़
खोए मोबाइल में निजी फोटो और वीडियो का दुरुपयोग करने वाले आरोपी को ओडिशा से गिरफ्तार
Shantanu Roy
7 Oct 2025 10:35 PM IST

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छग
Jagdalpur. जगदलपुर। बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे स्टेशन में एक व्यक्ति का मोबाइल फोन खो जाने के बाद उसमें मौजूद निजी फोटो और वीडियो का दुरुपयोग करने के आरोप में पुलिस ने ओडिशा से एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह घटना डिजिटल सुरक्षा और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है। थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया कि बोधघाट क्षेत्र के एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि 30 सितंबर को उसके पिता किसी काम से जगदलपुर रेलवे स्टेशन गए थे। वहीं उनका मोबाइल फोन खो गया। बाद में यह फोन ओडिशा के बिरची पनिग्राही राजखारियर, जिला नयापारा के पास मिला। फोन में पासवर्ड न होने के कारण आरोपी ने फोन में मौजूद फोटो और वीडियो को देखा और प्रार्थी से संपर्क किया। आरोपी ने फोन लौटाने के बदले पाँच हजार रुपये की मांग की।
प्रार्थी ने आरोपी द्वारा बताए गए क्यूआर कोड पर राशि भेज दी, लेकिन इसके बाद आरोपी ने और अधिक पैसे की मांग शुरू कर दी। लगातार पैसों की मांग और ब्लैकमेलिंग की स्थिति को देखते हुए प्रार्थी ने 5 अक्टूबर को बोधघाट थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 384 (ब्लैकमेलिंग) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के बाद पुलिस टीम को ओडिशा भेजा गया, जहाँ से आरोपी को गिरफ्तार कर जगदलपुर लाया गया। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से संबंधित सभी तथ्य उजागर किए जाएंगे। इस घटना ने नागरिकों के बीच मोबाइल और डिजिटल डेटा की सुरक्षा के महत्व को स्पष्ट किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल फोन में निजी फोटो और वीडियो सुरक्षित न रखें और हमेशा पासवर्ड या अन्य सुरक्षा उपायों से इन्हें सुरक्षित करें। पुलिस ने चेतावनी दी कि मोबाइल चोरी या खो जाने की स्थिति में डेटा का दुरुपयोग होने की संभावना अधिक रहती है, जिससे ब्लैकमेलिंग और अन्य अपराधों की घटनाएँ घट सकती हैं।
प्रार्थी ने बताया कि उसने नया मोबाइल खरीदने के बाद पुराना फोन अपने पिता को दे दिया था। चूँकि पिता को एंड्रॉयड फोन चलाने की जानकारी कम थी, उन्होंने फोन में पासवर्ड नहीं लगाया था। इसी वजह से आरोपी को फोन में मौजूद डेटा तक आसानी से पहुँच मिल गई और उसने ब्लैकमेलिंग की कोशिश की। डीएसपी साइबर क्राइम गीतिका साहू ने नागरिकों को सलाह दी कि किसी भी एप्लिकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसके प्रोसेस और अनुमतियों को समझना आवश्यक है। कई बार बिना जांचे-परखे एप्लिकेशन इंस्टॉल करने से व्यक्तिगत डेटा तक अनजाने में पहुँच संभव हो जाती है।
उन्होंने कहा कि अपने फोटो और वीडियो फोल्डर को पासवर्ड या किसी सुरक्षित एप्लिकेशन के माध्यम से लॉक करना चाहिए, ताकि अनजान व्यक्ति इसे एक्सेस न कर सके। साइबर एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि डिजिटल सुरक्षा केवल पासवर्ड तक सीमित नहीं है। मोबाइल में संवेदनशील डेटा के लिए दो-चरणीय प्रमाणीकरण, सुरक्षित क्लाउड बैकअप और एंटीवायरस एप्लिकेशन का उपयोग करना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक या क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे भेजने से पहले पूरी जांच करना आवश्यक है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों में व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा नागरिकों की जिम्मेदारी है। बिना सुरक्षा उपायों के, कोई भी व्यक्ति तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाकर ब्लैकमेलिंग या अन्य साइबर अपराध कर सकता है।
पुलिस ने कहा कि इस मामले से यह भी शिक्षा मिलती है कि किसी भी मोबाइल चोरी या खो जाने की स्थिति में तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहिए और अपने खातों और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।जागरूक नागरिक और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार ही साइबर अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका हैं। जगदलपुर में यह मामला साइबर क्राइम और डेटा सुरक्षा के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और साइबर विशेषज्ञ दोनों ने कहा कि मोबाइल और डिजिटल डेटा की सुरक्षा में सावधानी, जागरूकता और आधुनिक तकनीकी उपायों का पालन करना अनिवार्य है। इस गिरफ्तारी से न केवल आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी, बल्कि यह अन्य नागरिकों के लिए भी एक चेतावनी का काम करेगी कि डिजिटल सुरक्षा की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है। पुलिस ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और नागरिकों को सुरक्षा और जागरूकता के लिए लगातार सलाह दी जाएगी।
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