छत्तीसगढ़

नक्सली मुठभेड़ केस में बड़ा फैसला, प्रभाकर-राजे को 7-7 साल की सजा

Shantanu Roy
8 Sept 2026 5:07 PM IST
नक्सली मुठभेड़ केस में बड़ा फैसला, प्रभाकर-राजे को 7-7 साल की सजा
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कांकेर। कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वर्ष 2015 में हुई नक्सली मुठभेड़ से जुड़े मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोरर थाना क्षेत्र में सर्चिंग पार्टी पर नक्सलियों द्वारा किए गए हमले के मामले में ADJ कोर्ट ने नक्सली प्रभाकर और उसकी पत्नी राजे कांगे को 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में शामिल तीन अन्य नक्सलियों को अदालत ने 5-5 साल के कारावास की सजा दी है। अदालत के इस फैसले को नक्सल मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामला वर्ष 2015 का है। कोरर थाना क्षेत्र में पुलिस की
सर्चिंग पार्टी
इलाके में अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की टीम को निशाना बनाते हुए हमला किया था। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान प्रभाकर, उसकी पत्नी राजे कांगे समेत अन्य नक्सलियों की भूमिका सामने आई थी।

2024 में प्रभाकर की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान वर्ष 2024 में प्रभाकर को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों तथा साक्ष्यों को जुटाया। इसके कुछ समय बाद उसकी पत्नी राजे कांगे को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जांच पूरी करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष विभिन्न साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत किए गए।

अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद ADJ कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों के आधार पर प्रभाकर और राजे कांगे को दोषी माना। अदालत ने दोनों को 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई। वहीं, मामले में शामिल तीन अन्य दोषियों को 5-5 साल के कारावास की सजा दी गई। कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में भी इसे नक्सल मामलों में महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से लंबित इस मामले में न्यायालय के फैसले से जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों की भूमिका भी सामने आई है।

प्रभाकर पर 25 लाख और राजे पर 8 लाख का इनाम
कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि प्रभाकर पर 25 लाख रुपये और उसकी पत्नी राजे कांगे पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दोनों नक्सल गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। एसपी के मुताबिक, प्रभाकर और उसकी पत्नी के खिलाफ करीब 60 अपराध दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि कोरर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ से जुड़े मामले में दोनों नक्सली नेताओं की भूमिका को लेकर पुलिस के पास कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद थे। इन्हीं साक्ष्यों को जांच के दौरान जुटाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों समेत पांच आरोपियों को सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पुराने नक्सली मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। कांकेर में आया यह फैसला इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
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