छत्तीसगढ़

कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को 20 साल की सजा

Shantanu Roy
27 April 2026 11:46 PM IST
कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को 20 साल की सजा
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की तस्करी के एक मामले में विशेष NDPS कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी पुरुषोत्तम साहू उर्फ भक्का को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा और 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा भुगतनी होगी। यह फैसला विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की अदालत द्वारा सुनाया गया। मामला 11 अप्रैल 2024 का है, जब थाना टिकरापारा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लालपुर ओवरब्रिज के नीचे एक युवक प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप के साथ मौजूद है। सूचना पर सहायक उपनिरीक्षक जयनारायण यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद पीले रंग के थैले से ट्राइप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड और कोडीन फॉस्फेट युक्त टस्कोरेक्स कफ सिरप की 50 बोतलें बरामद हुईं। प्रत्येक बोतल 100 एमएल की थी, इस तरह कुल 5 लीटर (5000 एमएल) नशीली सिरप जब्त की गई। पुलिस ने आरोपी से कफ सिरप रखने और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मौके पर ही जब्ती, सीलिंग और सैंपलिंग की पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की आगे की जांच में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष इन्वेंट्री और सैंपलिंग कराई गई। बाद में सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रायपुर भेजा गया, जहां जांच में यह पुष्टि हुई कि बरामद सिरप में कोडीन फॉस्फेट मौजूद है, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थों की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(C) के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामद सामग्री, एफएसएल रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य पेश किए।
विशेष न्यायाधीश ने सभी तथ्यों पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न देने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा भुगतनी होगी। एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(C) को वाणिज्यिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में सबसे कठोर धाराओं में माना जाता है, जिसमें लंबी सजा का प्रावधान है। इस फैसले को रायपुर में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि नशे के अवैध कारोबार पर आगे भी इसी तरह सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
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