छत्तीसगढ़

शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही! हिंदी पेपर में एक ही सवाल तीन बार रिपीट

nidhi
22 Sept 2026 6:40 AM IST
शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही! हिंदी पेपर में एक ही सवाल तीन बार रिपीट
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छठवीं के हिंदी पेपर में लापरवाही

Raipur रायपुर: रायपुर जिले के स्कूलों में कक्षा 6वीं की तिमाही परीक्षा के पहले दिन ही हिंदी विषय के प्रश्नपत्र में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रश्नपत्र में एक ही सवाल को तीन अलग-अलग प्रश्न क्रमांकों में दोहरा दिया गया। परीक्षा के दौरान जब विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र देखा तो एक ही सवाल बार-बार देखकर वे असमंजस में पड़ गए। जानकारी के मुताबिक कक्षा 6वीं के हिंदी प्रश्नपत्र में प्रश्न क्रमांक 9, 16 और 19 में एक ही सवाल पूछा गया है। तीनों जगह “मेजर ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य था?” प्रश्न छपा हुआ है। एक ही प्रश्न तीन बार आने के कारण प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी जांच करने की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

तिमाही परीक्षा विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनकी तैयारी का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में परीक्षा के पहले दिन ही प्रश्नपत्र में इस तरह की गलती सामने आने से शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि प्रश्नपत्र विद्यार्थियों तक पहुंचने से पहले उसकी जांच और प्रूफ रीडिंग किए जाने की प्रक्रिया होती है। इसके बावजूद एक ही सवाल तीन बार छप जाना गंभीर चूक मानी जा रही है।

परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के सामने यह स्थिति भी बनी कि वे तीनों प्रश्नों के उत्तर अलग-अलग तरीके से लिखें या एक ही उत्तर को तीन बार दोहराएं। इससे बच्चों का समय भी प्रभावित होने की आशंका है। प्रश्नपत्र में हुई इस गड़बड़ी का असर अंक निर्धारण पर किस तरह पड़ेगा, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। अब सवाल उठ रहा है कि प्रश्नपत्र तैयार करने के बाद उसकी अंतिम जांच किस स्तर पर की गई थी। यदि प्रश्नपत्र की सावधानीपूर्वक जांच की जाती तो प्रश्न क्रमांक 9, 16 और 19 में एक ही सवाल होने की गलती आसानी से पकड़ में आ सकती थी।

शिक्षाविदों ने उठाए सवाल

शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गलतियां न सिर्फ विद्यार्थियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवालिया निशान लगाती हैं। शिक्षा विभाग से मामले में जल्द स्पष्टीकरण देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

मामले के सामने आने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र में इस तरह की त्रुटि होने पर संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठ सकती है। साथ ही विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए दोहराए गए प्रश्नों के अंकों को लेकर भी स्पष्ट निर्णय जरूरी होगा। कक्षा 6वीं की तिमाही परीक्षा के पहले ही दिन सामने आई यह गड़बड़ी प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यवस्था में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को दर्शाती है। अब शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और विद्यार्थियों के अंकों को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

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