छत्तीसगढ़

हथखोज स्टील इंफ्रा में हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, सभी EOT और हाइड्रा क्रेन का संचालन बंद

Shantanu Roy
31 Aug 2026 9:36 PM IST
हथखोज स्टील इंफ्रा में हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, सभी EOT और हाइड्रा क्रेन का संचालन बंद
x
छग
Raipur. रायपुर। दुर्ग जिले के हथखोज स्थित मेसर्स स्टील इंफ्रा सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड में 19 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। हादसे में सीएनसी हेल्पर राजेश कुमार निर्मलकर (40 वर्ष) की मौत हो गई थी। घटना के अगले दिन 20 अगस्त को सहायक संचालक और विभागीय अधिकारियों ने कारखाने का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कई गंभीर खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि कारखाने में क्रेन का संचालन किसी सक्षम और अधिकृत व्यक्ति के बजाय कथित तौर पर अकुशल श्रमिक से कराया जा रहा था। इसके अलावा सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और क्रेन से जुड़े उपकरणों के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई।
क्रेन की चेन के हुक से सेफ्टी लैच गायब
विभागीय निरीक्षण में सामने आया कि कारखाने में इस्तेमाल हो रहे आई-बीम, क्रेन की चेन और अन्य संबंधित उपकरणों का नियमित रखरखाव नहीं किया जा रहा था। सबसे गंभीर खामी क्रेन की चेन के हुक में पाई गई, जिसमें सेफ्टी लैच या कैच मौजूद नहीं था। सेफ्टी लैच नहीं होने के कारण भारी सामान के हुक से फिसलने और गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में क्रेन के आसपास काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। विभाग ने निरीक्षण के दौरान सामने आई इन कमियों को गंभीरता से लिया।
SOP और श्रमिक प्रशिक्षण में भी कमी
जांच के दौरान क्रेन संचालन के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), श्रमिकों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और नियमित निरीक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं में भी कमियां पाई गईं। विभाग के मुताबिक, भारी मशीनरी के संचालन में प्रशिक्षित और अधिकृत कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कारखाने में इन सुरक्षा प्रक्रियाओं का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने कारखाना प्रबंधन के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।
पहले भी हो चुका है प्राणांतक हादसा
जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया। इसी कारखाने में 24 जनवरी 2026 को भी ई.ओ.टी. क्रेन के संचालन के दौरान एक प्राणांतक हादसा हुआ था। इस मामले में न्यायालय में अभियोजन दर्ज होने की जानकारी विभाग को मिली है। इसके बावजूद 19 अगस्त के हादसे से पहले कारखाने में सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किए जाने की बात निरीक्षण में सामने आई। विभाग ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सभी EOT और हाइड्रा क्रेन बंद
श्रमिकों की सुरक्षा और कार्यदशाओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(क) के तहत कड़े निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के तहत कारखाने में स्थापित सभी EOT क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। प्रबंधन को अब इन मशीनों का संचालन शुरू करने से पहले विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों और आवश्यक तकनीकी सुधारों को पूरा करना होगा।
दस्तावेज और तकनीकी सुधार की जानकारी मांगी
विभाग ने कारखाना प्रबंधन को तकनीकी सुधारों से संबंधित जानकारी और आवश्यक अनिवार्य दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। क्रेन और अन्य भारी उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकना है।
प्रतिबंध के दौरान श्रमिकों को मिलेगा पूरा वेतन
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्रेन संचालन पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण श्रमिकों के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि के दौरान कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को निर्धारित तिथि पर उनका पूरा वेतन और भत्ते अनिवार्य रूप से देने के निर्देश प्रबंधन को दिए गए हैं। हथखोज स्थित कारखाने में हुए हादसे के बाद विभाग की इस कार्रवाई को औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के पालन और श्रमिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Next Story