छत्तीसगढ़

अवैध सोनोग्राफी की शिकायत पर बड़ा एक्शन, बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर सील

Shubhra Nandy
5 Nov 2026 8:07 AM IST
अवैध सोनोग्राफी की शिकायत पर बड़ा एक्शन, बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर सील
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खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अवैध रूप से सोनोग्राफी सेंटर संचालित किए जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर पंचायत गंडई के सामने संचालित 'ए ग्रुप ऑफ बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर' को जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीलबंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) के तहत जिला सलाहकार समिति के निर्णय तथा कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी के आदेश पर की गई है। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर में नियमों के विरुद्ध सोनोग्राफी संचालन किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति को शिकायत की जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाने और विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
उच्चस्तरीय समिति ने की शिकायत की जांच
प्रशासन द्वारा गठित समिति ने मामले की जांच की और अपना प्रतिवेदन जिला सलाहकार समिति पीसीपीएनडीटी के समक्ष प्रस्तुत किया। जिला सलाहकार समिति ने जांच प्रतिवेदन पर विचार करने के बाद नियमानुसार निर्णय लिया। इसके आधार पर कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी के आदेश से गठित कार्रवाई दल ने 4 नवंबर 2026 को नगर पंचायत गंडई के सामने स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचकर उसे सीलबंद कर दिया।प्रशासन की ओर से बताया गया कि कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक विवरण में शिकायत से संबंधित विशिष्ट अनियमितताओं का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।
डिप्टी कलेक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
सेंटर को सीलबंद करने की कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर श्रीमती पूजा पिंचा, जिला नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ. मनीष बघेल तथा समिति के सदस्य डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. बोधन सिंह परते और डॉ. विवेक बिसेन उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में संबंधित सेंटर को निर्धारित आदेश के अनुसार सीलबंद किया गया।
पीसीपीएनडीटी नियमों के पालन पर प्रशासन का जोर
सोनोग्राफी केंद्रों का संचालन पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों और निर्धारित नियमों के अंतर्गत किया जाता है। इसके तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक पंजीयन, निर्धारित मानकों और दस्तावेजी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है। इन नियमों का उद्देश्य सोनोग्राफी जैसी चिकित्सा तकनीकों के उपयोग को व्यवस्थित और कानून के अनुरूप बनाए रखना है। जिला प्रशासन ने जनसमुदाय के स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में निर्धारित मानकों के पालन को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की बात कही है।
आगे भी जारी रहेगी जांच और कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अनुसार, जिले में निर्धारित नियमों के विरुद्ध चिकित्सा सेवाओं के संचालन की शिकायतों पर जांच और आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना है। बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों को भी निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमति संबंधी शर्तों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन द्वारा सेंटर को सीलबंद करने की पुष्टि की गई है। आगे की किसी न्यायिक या विभागीय कार्रवाई के बारे में अतिरिक्त आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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