छत्तीसगढ़
गरियाबंद जिले में बड़ा एक्शन, एक साथ 9 पटवारी सस्पेंड; प्रशासन की सख्ती से मचा हड़कंप
Shubhra Nandy
6 Nov 2026 6:43 AM IST

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छत्तीसगढ़ हड़ताल
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में पटवारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के बीच गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने शासकीय कार्यों में लापरवाही और राजस्व संबंधी कार्यों की संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने के आधार पर 9 पटवारियों को निलंबित कर दिया है। एक साथ हुई इस कार्रवाई से राजस्व अमले में हलचल तेज हो गई है। वहीं, पहले से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारियों और प्रशासन के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिला प्रशासन ने विभिन्न पटवारी हल्कों में राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान गिरदावरी, नक्शा अद्यतन और बटांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारियों को पहले भी कामकाज में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर प्रशासन ने निलंबन का कदम उठाया।
हड़ताल के बीच प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख
प्रदेश में पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के चलते कई क्षेत्रों में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच गरियाबंद में 9 पटवारियों के निलंबन ने मामले को और गंभीर बना दिया है। प्रशासन की ओर से पटवारियों को शासकीय कार्यों पर वापस लौटने और लंबित मामलों का निराकरण करने के लिए नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, राजस्व कार्यों में लगातार देरी और अपेक्षित प्रगति नहीं होने को प्रशासनिक कार्रवाई का प्रमुख आधार बताया जा रहा है।
गिरदावरी और नक्शा-बटांकन के कार्य प्रभावित
गिरदावरी किसानों की फसलों से जुड़ी महत्वपूर्ण राजस्व प्रक्रिया है। इसके माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों का विवरण दर्ज किया जाता है। इसी तरह नक्शा अद्यतन और बटांकन की प्रक्रिया जमीन के रिकॉर्ड तथा संबंधित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए जरूरी होती है। इन कार्यों में देरी होने से किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से कृषि एवं भूमि संबंधी अभिलेखों को लेकर राजस्व कार्यालयों पर निर्भर लोगों के लिए समय पर काम पूरा होना महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक स्तर पर इन कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। बताया जा रहा है कि कार्यों की धीमी प्रगति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
नोटिस के बाद निलंबन से बढ़ी हलचल
पटवारियों की हड़ताल के बीच प्रशासन की ओर से लगातार नोटिस जारी किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। कर्मचारियों को काम पर लौटने और शासकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। गरियाबंद में एक साथ 9 पटवारियों के निलंबन को इसी प्रशासनिक सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, निलंबन की व्यक्तिगत वजहों और प्रत्येक कर्मचारी के खिलाफ दर्ज आरोपों की पूरी जानकारी मूल आदेश सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पटवारी संघ और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ने के आसार
पटवारी संघ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए है। गरियाबंद में 3 नवंबर को पटवारी संघ के समर्थन में कर्मचारी-अधिकारी संगठनों की रैली भी निकाली गई थी। इससे पहले भी आंदोलन के दौरान निलंबन और नोटिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी सामने आ चुकी है। ऐसी स्थिति में 9 पटवारियों के खिलाफ हुई ताजा कार्रवाई के बाद आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल निलंबित पटवारियों के नाम और उनके खिलाफ जारी प्रशासनिक आदेश का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस बीच राजस्व विभाग में लंबित कार्यों को पूरा कराने और आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगों को लेकर आगे क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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