छत्तीसगढ़

CG शराब घोटाले में बड़ा एक्शन, 42 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश

Shantanu Roy
14 Oct 2026 4:58 PM IST
CG शराब घोटाले में बड़ा एक्शन, 42 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB-EOW) की कार्रवाई को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, जांच एजेंसी ने मामले में 42 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया है। इसके साथ ही करीब 27 हजार पन्नों के दस्तावेज भी अदालत में प्रस्तुत किए गए हैं। इन दस्तावेजों में आरोपियों के खिलाफ जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य, कथित वित्तीय लेनदेन और अन्य संबंधित रिकॉर्ड शामिल बताए गए हैं। फिलहाल मामले की न्यायालय में सुनवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 से 2023 के बीच कथित शराब घोटाले से जुड़े घटनाक्रम की जांच की जा रही है। इस मामले में शराब की बिक्री, आपूर्ति और कमीशन से संबंधित कथित अनियमितताओं की पड़ताल की गई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि शराब कारोबार से जुड़े विभिन्न स्तरों पर नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध आर्थिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। ACB-EOW ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका की पड़ताल की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अदालत में प्रस्तुत चालान के साथ करीब 27 हजार पन्नों का रिकॉर्ड संलग्न किया गया है। इसमें मामले से जुड़े लेनदेन और अन्य साक्ष्यों का विवरण शामिल बताया गया है।
शराब घोटाले की जांच केवल ACB-EOW तक सीमित नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। ईडी ने 9 अक्टूबर 2026 को रायपुर की विशेष अदालत में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। इस मामले में ईडी की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जारी है।शराब घोटाले से संबंधित जांच में सरकारी शराब दुकानों के संचालन, आपूर्ति व्यवस्था और कथित कमीशन वसूली जैसे विषय प्रमुख रहे हैं। जांच एजेंसियां विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका का परीक्षण कर रही हैं।
अदालत में चालान पेश होने के बाद अब अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और आरोपों का न्यायिक परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान संबंधित पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि चालान दाखिल होने का अर्थ आरोपियों का दोष सिद्ध होना नहीं है। आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायालय करेगा। फिलहाल शराब घोटाले से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया जारी है। ACB-EOW की जांच के साथ प्रवर्तन निदेशालय भी कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। आने वाली सुनवाई में मामले से जुड़े साक्ष्यों और आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।
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