छत्तीसगढ़

महासमुंद में अवैध धान परिवहन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 8 बिचौलियों पर कार्रवाई

Shantanu Roy
30 Oct 2026 8:50 PM IST
महासमुंद में अवैध धान परिवहन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 8 बिचौलियों पर कार्रवाई
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Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026 के दौरान धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने अवैध धान परिवहन के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर सरायपाली अनुविभाग में अवैध धान परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए आठ जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही अवैध रूप से धान परिवहन करते पाए गए आठ बिचौलियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से अवैध धान परिवहन, संदिग्ध खरीदी-बिक्री और बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी तेजपाल सिंह ध्रुव ने बताया कि क्षेत्र में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए कुल आठ जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से धान के परिवहन और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के विरुद्ध धान की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अवैध रूप से धान परिवहन करते पाए गए आठ बिचौलियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इन व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 126, 135 और 170 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
धान खरीदी के दौरान अवैध परिवहन और बिचौलियों की सक्रियता व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। निर्धारित नियमों के विपरीत धान की खरीदी-बिक्री होने से वास्तविक किसानों के हितों पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जांच चौकियां स्थापित की हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार प्रशासनिक अधिकारियों को धान खरीदी व्यवस्था में अनियमितताओं की रोकथाम के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। जांच चौकियों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अवैध परिवहन अथवा बिचौलियों की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। सरायपाली अनुविभाग में स्थापित आठ जांच चौकियों से अवैध धान परिवहन की निगरानी में सहायता मिलने की उम्मीद है। इन चौकियों के जरिए संबंधित अधिकारी धान परिवहन से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे और संदिग्ध मामलों में आवश्यक जांच कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने किसानों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसान शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही अपना धान बेचें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध खरीदी-बिक्री से बचें।
यदि कहीं अवैध धान परिवहन या बिचौलियों की गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन का कहना है कि खरीफ विपणन वर्ष 2026 में धान खरीदी व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित रखना प्रमुख प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर निगरानी और आवश्यक कार्रवाई जारी रखी जाएगी। फिलहाल सरायपाली अनुविभाग में आठ बिचौलियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी जांच चौकियों के माध्यम से अवैध धान परिवहन पर निगरानी जारी रहेगी, ताकि वास्तविक किसानों को शासन की धान खरीदी व्यवस्था का लाभ मिल सके।
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